वन नेशन, वन इलेक्शन पर विधानसभा और सचिवालय एक साथ
नई दिल्ली. देशभर में वन नेशन वन इलेक्शन यानी एक राष्ट्र एक चुनाव को लेकर लंबे समय से बहस चल रही है। इसी बीच देश की राजधानी दिल्ली से एक बडी खबर सामने आ रही है। दिल्ली में इस बडे चुनावी सुधार को लेकर एक बडी सहमति बनती दिख रही है। सूत्रों के अनुसार दिल्ली सचिवालय और दिल्ली विधानसभा के स्तर पर इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई है। प्रशासनिक और विधायी स्तर पर बनी यह सहमति देश के चुनावी सिस्टम को बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
सचिवालय और विधानसभा आए एक साथ
आमतौर पर किसी भी बडे फैसले पर सचिवालय और विधानसभा के बीच लंबी चर्चाएं और मतभेद देखने को मिलते है लेकिन इस बार मामला अलग है। जानकारी के अनुसार सचिवालय के आला अधिकारियों और विधानसभा के प्रतिनिधियों के बीच इस मुद्दे पर गहन विचार-विमर्श हुआ। इस मीटिंग के बाद दोनों ही पक्ष इस ऐतिहासिक बदलाव के समर्थन में एक साथ खडे नजा आए। इन दोनों ही प्रमुख संस्थानों ने साफ कर दिया है कि वे देश में इस नई चुनावी व्यवस्था को लागू करने और इसके साथ आगे बढने के लिए पूरी तरह तैयार है।
जनता और सरार को होगा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दिल्ली में यह व्यवस्था लागू होती है तो इसके कई बडे फायदे होंगे। पैंसों की भारी बचत होगी, बार-बार चुनाव होने से सरकारी खजाने पर जो आर्थिक बोझ पडता है उसमें भारी कमी आएगी। वहीं समय की बचत होगी। आदर्श आचार संहिता लागू होने से विकास कार्य रूक जाते है। एक साथ चुनाव होने से विकास के काम बिना रूके चलते रहेंगे। प्रशासनिक आसानी होगी। चुनाव कराने में जुटने वाली सरकारी मशीनरी और सुरक्षाबलों को बार-बार ड्यूटी पर नहीं लगना पडेगा।

