ग्वालियर में सट्टेबाजों से रुपये वसूलने वाले पुलिस बचने के लिए माननीयों से लेकर अफसरों तक से फोन लगवा रहे
ग्वालियर. सट्टेबाजों से 23.25 लाख रुपये वसूलने वाले पुलिस वालों की तलाश चल रही है। अब यह पुलिस वाले बचने के लिए माननीयों से लेकर अफसरों तक से फोन लगवा रहे हैं। पुलिस इन तक नहीं पहुंच पाई है। इसकी वजह है- पुलिसकर्मी ही इनकी मदद कर रहे हैं। इन पर कार्रवाई को लेकर जो भी गतिविधियां चल रही हैं, इन पर विभागीय कार्रवाई हो रही है, यह लोग इसकी सूचनाएं आरोपित पुलिसकर्मियों तक पहुंचा रहे हैं। अब ऐसे भेदियों को भी पुलिस अफसर चिन्हित कर रहे हैं। जिससे इन्हें इस पूरी कार्रवाई से दूर रखा जा सके।
क्राइम ब्रांच में बड़े स्तर पर फेरबदल होगा
अड़ीबाजी के इस खेल ने ग्वालियर पुलिस को पूरे प्रदेश में बदनाम करा दिया। पुलिस मुख्यालय में बैठे पुलिस अफसर हर दिन इस मामले को लेकर ब्रीफिंग ले रहे हैं। अभी आरोपित दरोगा मुकुल सिंह यादव, प्रधान आरक्षक विकास तोमर और आरक्षक राहुल यादव निलंबित हुए हैं। इनकी प्रारंभिक जांच शुरू हो गई है। इस मामले में आरोपित पुलिसकर्मियों के अलावा उन लोगों के भी बयान चल रहे हैं, जो कहीं न कहीं इस कार्रवाई से जुड़े रहे हैं। इसमें क्राइम ब्रांच के टीआइ अमर सिंह सिकरवार के बयान भी हुए हैं। एएसपी ऋषिकेष मीणा यह जांच कर रहे हैं। जांच तीन दिन में पूरी हो जाएगी। इसके बाद आगामी कार्रवाई के लिए यह जांच भेजी जाएगी। प्रारंभिक जांच की रिपोर्ट के बाद इस मामले में आरोपित पुलिसकर्मियों को सेवा से प्रथक किए जाने की कार्रवाई हो सकती है। उधर सूत्रों का कहना है- इस मामले में क्राइम ब्रांच पर जिस तरह से अंगुलियां उठ रही हैं, अब क्राइम ब्रांच में बड़े स्तर पर फेरबदल भी होगा।

