प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सुरक्षा में चूक के मामले में पंजाब के 9 अधिकारी पर गिरी गाज, अब होगी कार्यवाही
चंडीगढ़. पिछले वर्ष पीएम नरेन्द्र मोदी के पंजाब दौरे के बीच सुरक्षा मंे बड़ी चूक हुई थी। उस मामले में अब 9 पुलिस अधिकारियों पर गाज गिरी है। विस्तृत जांच के बाद यह फैसला लिया गया हे। असल में पिछले वर्ष जब प्रधानमंत्री मोदी पंजाब चुनाव के बीच प्रचार के लिये गये थे। तब किसानों ने उनके काफिले को बीच सड़क पर रोक लिया था।
सुरक्षा में लापरवाही पर अब होगी कार्यवाही
उसे पीएम की सुरक्षा में बड़ी चूक माना गया था। 20 मिनट के लगभग पीएम का काफिला फंसा रहा था। तब की चन्नी सरकार ने दावा किया था कि एन वक्त पर पीएम का रूट बदल दिया गया था। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर ही गंभीर आरोप लगा दिये थे। अब उसी मामले में 9 पुलिस अधिकारियों पर गाज गिरी है। ऐसा बताया जा रहा है कि उस समय के मुख्य सचिव अनिरूद्ध तिवारी, पुलिस महानिदेशक पंजाब एस चट्टोपाध्याय, एसएसपी हरमनदीप सिंह, तब के डिप्टी आईजी सुरजीत सिंह को दोषी पाया गया है।
बड़ी बात ये है कि पीएम की सुरक्षा में हुई चूक के मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा 5 सदस्यों की एक कमेटी गठित की गई थी जिसकी अगुवाई रिटायर्ड जस्टिस इंदु मल्होत्रा ने की थी। 6 महीने पहले जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट पेश की थी जिसमें राज्य के तत्कालीन मुख्य सचिव अनिरुद्ध तिवारी, पुलिस प्रमुख एस चट्टोपाध्याय और अन्य शीर्ष अधिकारियों को चूक के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। इसके बाद, इस हफ्ते की शुरुआत में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने पंजाब के मुख्य सचिव विजय कुमार जंजुआ से कार्रवाई की रिपोर्ट जमा करने को कहा था। इसमें राज्य सरकार द्वारा दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई में देरी का भी जिक्र किया गया।
क्या है पूरा मामला
दरअसल 5 जनवरी, 2022 को पीएम पंजाब दौरे पर गए थे। जब वह बठिंडा हवाई अड्डे से हुसैनीवाला जाने के लिए सड़क मार्ग से यात्रा कर रहे थे तो उनका काफिला एक फ्लाईओवर पर आधे घंटे तक फंसा रहा। गृह मंत्रालय ने तब बताया था कि PM मोदी के कार्यक्रम और दौरे के बारे में पंजाब सरकार को पहले ही बता दिया गया था। ऐसे में नियमों के मुताबिक,राज्य को सुरक्षा के साथ-साथ आकस्मिक योजना तैयार रखने की जरूरत थी। वैसे उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान भी चर्चा में रहा था। उन्होंने कहा था कि अपने सीएम को शुक्रिया कहना कि मैं जिंदा वापस आ गया।

