मप्र पुलिस के स्थापना दिवस पर राष्ट्रपति के वीरता पदक से उपपरिवहन आयुक्त अरबिंद सक्सैना, सेवानिवृत्त राकेश मोहन दीक्षित को विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित

भोपाल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश पुलिस स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री होने के नाते मुझे प्रदेश पुलिस पर गर्व है। प्रदेश के निर्माण से अभी तक 877 पुलिसकर्मियों ने जनसुराग के लिए शहादत देकर एक महान परंपरा डाली है। सभी टॉस्क पुलिस ने सफलतापूर्वक पूरे किए। सिंहस्थ की सफलता में पुलिस ने उल्लेखनीय योगदान दिया, कानून व्यवस्था के साथ नागरिक संबंधों का भी कुशलता से निर्वहन किया। महिला सशक्तिकरण के लिए पुलिस भर्ती में 30 प्रतिशत महिला आरक्षण दिया। इन महिला पुलिसकर्मियों का शौर्य भी त्वरित कार्यवाहियों में दृष्टिगोचर होता है।

पुलिस के प्रयासों से डकैत समस्या लगभग पूर्णत:
गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने सभी को पुलिस स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में पुलिस ने कई उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। इस वर्ष 904 माफियाओं के खिलाफ कठोर कार्यवाही की गई। त्वरित विवेचना कर दुष्कर्म के आरोपियों के 38 केसों में फांसी की सजा दिलाई गई। पुलिस कोरोना काल में अपनी जान की परवाह किए बगैर चौराहों पर भी हम सबकी प्राण रक्षा के लिए सदैव खड़ी रही।
उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस पर इस बात का उल्लेख करना प्रासंगिक है कि आप सब पुलिस अधिकारी और कर्मचारी समाज में होने वाले अपराध, हिंसा, लालच और असहिष्णुता की वृत्तियों से भली-भाँति परिचित हैं। तकनीकी विकास के कारण साइबर अपराध जैसी गतिविधियाँ बढ़ने लगी हैं। ऐसे में आपकी जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है।
सायबर अपराध, महिलाओं तथा अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के लोगों के प्रति बढ़ते अपराधों की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिये और अधिक सक्षम होकर कारगर प्रयास करने की आवश्यकता है। पुलिसकर्मियों को सायबर अपराध और महिलाओं एवं बच्चियों के साथ होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिये सबसे पहले स्वयं की व्यवसायिक दक्षता बढ़ानी होगी।
पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी ने कहा कि आज मध्यप्रदेश पुलिस स्थापना दिवस के रूप में हम हमारे गौरवशाली स्वर्णिम इतिहास की स्मृतियों को समारोह के रूप में मना रहे हैं। सर्वप्रथम 1854 में नागपुर क्षेत्र के प्रथमत: नियुक्त कमिश्नर मानसेल ने पुलिस को पुनर्गठित करने की प्रक्रिया को प्रारंभ किया था। समय के साथ हुए परिवर्तन स्वरूप एक नवंबर 1956 को मध्यप्रदेश का गठन हुआ। जिसमें पुराने सीपीएण्ड बरार राज्य के 17 जिलों (महाकौशल), विंध्य प्रदेश, भोपाल राज्य, राजस्थान के कोटा जिले के सिरोंज अनुभाग तथा मध्यभारत को समाहित किया गया।
एक नवंबर 1956 को नवगठित मध्यप्रदेश पुलिस बल में कुल 252 राजपत्रित अधिकारी और 39,765 अन्यकर्मी तथा 739 थाने स्थापित थे। तत्पश्चात एक नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ विभाजन के बाद मध्यप्रदेश अपने आज के वर्तमान स्वरूप में आया। प्रदेश में अभी 11 पुलिस महानिरीक्षक जोन, 15 उप पुलिस महानिरीक्षक रेंज, 52 जिला पुलिस अधीक्षक तथा तीन रेल्वे पुलिस अधीक्षक कार्यालय स्थापित है। प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 185 अनुभाग, 1160 थाने तथा 623 चौकियाँ संचालित हैं। वर्तमान में प्रदेश में जिला पुलिस बल तथा एसएएफ सहित एक लाख 26 हजार 440 बल स्वीकृत है। (एक जनवरी 2020)
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 26 जनवरी 2021 पर घोषित वीरता पदक, 15 अगस्त 2020 एवं 26 जनवरी 2021 को राष्ट्रपति का विशिष्ट सेवा पदक तथा सराहनीय सेवा पदक, जीवन रक्षा पदक तथा 32 बोर पिस्टल प्राप्तकर्ता अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया।
इन्हें किया गया सम्मानित
पुलिस अधीक्षक सतना धर्मवीर सिंह और उप परिवहन आयुक्त ग्वालियर अरविंद सक्सैना को राष्ट्रपति का वीरता पदक से सम्मानित किया गया।
राष्ट्रपति का विशिष्ट सेवा पदक
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) श्रीमती अनुराधा शंकर, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक महिला अपराध शाखा पुलिस मुख्यालय भोपाल श्रीमती प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव, उप पुलिस अधीक्षक इंदौर संतोष उपाध्याय, सेवा निवृत्त निरीक्षक (एम) कार्यालय पुलिस महानिरीक्षक प्रशासन पुलिस मुख्यालय भरत भावसर, सेवा निवृत्त निरीक्षक (एम) कार्यालय पुमनि ग्वालियर राकेश मोहन दीक्षित, निरीक्षक वरिष्ठ ग्रंथालय (लाइब्रेरीयन) पुलिस मुख्यालय भोपाल डॉ. फरीद वज़मी, निरीक्षक(एम) प्रशासन पुलिस मुख्यालय भोपाल नरेन्द्र कुमार गंगराड़े, निरीक्षक विशेष शाखा पुलिस मुख्यालय भोपाल अजय तुर्के को राष्ट्रपति के विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया।
32 बोर पिस्टल
सेवानिवृत्त विशेष पुलिस महानिदेशक स्व. संजीवकुमार सिंह को दिया गया। यह पुरस्कार उनकी पत्नी श्रीमती ज्योति सिंह द्वारा गृहण किया गया।

