अंतिम सांस लेने से पहले वीडियो में बोली किसी को मत छोड़ना, दहेज में 3 लाख नहीं मिलने पर पति ने पिलाया था एसिड़
ग्वालियर. डबरा में तीन लाख रूपये के लिये पत्नी पर क्रूरता दिखाते हुए उसे एसिड पिलाया गया था। पत्नी ने जिन्दगी और मौत के बीच 54 दिन संघर्ष करने के बाद गुरूवार को दिल्ली के अस्पताल में दम तोड़ दिया। बेटी की सांस तो टूट गयी। लेकिन मौत से चन्द घंटे पूर्व उसने अपने ऊपर हुए जुल्म का अंतिम वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर आरोपियों का नहीं छोड़ने की बात कही है। मौत से पूर्व जिन्दगी के अंतिम वीडियो में शशि जाटव बोली- मुझे मेरे पति, सास, नंनद व जेठ-जेठानी ने तेजाब पिलाया था। अ बवह मुझे छोड़कर भाग गये हैं। इनेको किसी को मत छोड़ना। वीडियो बनाने के लगभग 4 घंटे के बाद शशि हमेशा के लिये खामोश हो गयी। गुरूवार की रात उसके शव को लेकर परिजन घाटीगांव पहुंचे हैं। जहां उसका अंतिम संस्कार किया गया है। इस मामले में पुलिस भी आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
यह है पूरा मामला
ग्वालियर के घाटीगांव सिमरिया निवासी 22 साल की शशि जाटव की शादी 17 अप्रैल 2021 को डबरा के रामगढ़ निवासी वीरेन्द्र कुमार जाटव के साथ हुई थी। बताया जाता है कि शशि के मायके वालों ने शादी में 10 लाख रुपए तक खर्च किए थे। अभी लॉकडाउन के बाद वीरेन्द्र को नई कार खरीदनी थी, जिसमें 3 लाख रुपए कम पड़ रहे थे। उसने पत्नी को मायके से 3 लाख रुपए लाने के लिए कहा। 27 जून की रात को उससे फिर 3 लाख रुपए के लिए कहा गया। इस बार मना करने पर पति ने शशि को हत्या करने के इरादे से जबरन एसिड पिला दिया। एसिड पीते ही शशि के गले में जलन मचने से तड़पने लगी। तत्काल ग्वालियर में भर्ती कराया, लेकिन उसकी हालत बेहद खराब होने पर उसे दिल्ली रैफर किया गया था। इसके बाद डबरा सिटी थाना में पुलिस ने लापरवाही से सिर्फ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज किया गया था। पर दिल्ली में शशि ने SDM के सामने बयान में पति के द्वारा एसिड पिलाने की बात कही थी।
राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य स्वाति मालीवाल के इस मामले में CM शिवराज सिंह को ट्वीट करने के बाद से यह मुद्दा काफी चर्चित हुआ था। इस मामले में 3 आरोपी हैं। पुलिस ने आरोपी पति वीरेन्द्र जाटव, वीरेन्द्र की भाभी मिथलेश सहित सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस मामले में विवेचना अधिकारी ASI को सस्पेंड करने के बाद TI डबरा सिटी थाना विनायक शुक्ला को भी लापरवाही बरतने पर लाइन अटैच कर दिया गया था।
बार-बार अपने साथ हुई घटना याद कर घबरा जाती थी
योगेश ने बताया कि बहन बीच में ठीक भी हो रही थी, लेकिन जब भी उसे 27 जून की वह रात याद आती है जब उसकी ननद ने उसके हाथ पकड़े थे और पति ने क्रूरता से तेजाब पिलाया तो उसकी रूह कांप उठती थी। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ जाती थी।

