पुणे की केमिकल फैक्ट्री में लगी भीषण आग, 18 कर्मचारियों की मौत
पुणे. पुणे के मुलशी एमआईडीसी इलाके की एक केमिकल फैक्ट्री में आग लगने से 13 महिलाओं समेत 18 लोगों की मौत हो गई है। घटना शाम 5 बजे की है, इस हादसे के दौरान फैक्ट्री में 37 मजदूर काम कर रहे थे। इनमें से 20 को सुरक्षित निकाल लिया गया है लेकिन अभी भी 1 कर्मचारी लापता है। बताया जा रहा है कि एसवीएस नामक इस केमिकल फैक्ट्री में क्लोरीन डाईऑक्साइड बनाया जाता है। फैक्ट्री से पुणे नगर निगम को क्लोनरीन की सप्लाई की जाती थी। हादसे के बाद कंपनी का मालिक भी फरार है। अब तक कुल 18 लोगों के शव बाहर निकाले जा चुके है और अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है, शवों को पुणे के ससून अस्पताल ले जाया गया है।
जेसीबी से दीवार गिराकर उसमें भरे धुंऐ को निकाला
फायर ऑफिसर पोटफोड़े ने बताया कि मौके पर दमकल विभाग की गाडि़यां आग बुझाने के लिए पहुंची। फैक्ट्री के एक हिस्से को जेसीबी मशीन से गिराकर उसमें भरे धुंऐ को निकाला गया। मृतकों में कई ऐसे है जिनकी दम घुटने से मौत हुई है। फैक्ट्री में धुंआ भरने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत आ रही थी।
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
ऐसा माना जा रहा है कि धुएं की चपेट में आकर लापता मजदूर फैक्ट्री में ही बेहोश हो गए इस कारण घटना के दौरान वे बाहर नहीं निकल पाए, हालांकि अभी तक आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं है लेकिन माना जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट एक बड़ी वजह हो सकती है। मुलशी के तहसीलदार अभय और पुलिस निरीक्षक अशोक धूमल भी घटनास्थल पर पहुंचे।
वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिवार वालों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए मुआवजे की घोषणा की है। महाराष्ट्र सरकार की ओर से डिप्टी सीएम अजित पवार ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए मुआवजा देने की जानकारी दी।

