नारायण विहार कॉलोनी प्रशासन ने राजनीतिक दबाव में पुनः की मकान तोडने की कार्यवाही
ग्वालियर. नारायणविहार कॉलोनी के रहवासियों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने पहले ही कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक अपने मकान स्वयं हटा लिये थे। इसके बावजूद राजनैतिक दबाव में दोबारा मकाने हटाने की कार्यवाही की गयी है।
प्रभावित परिवारों का कहना है कि वह न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हैं। लेकिन जिस याचिका के आधार पर कार्यवाही हुई है। उसमें वास्तविक तथ्यों को सामने नहीं रखा गया। रहवासियों ने आरोप लगाया है कि याचिकाकर्ता नरेश अग्रवाल का उद्योग विभाग की तरफ से वर्षो पहले एक भूखंड लीज पर दिया गया था। उनका दावा हैकि उस भूखंड तक पहंुचने के लिये पहले से लगभग 60 फीट चौड़ा रास्ता मौजूद है। इसके बावजूद पूरे इलाके को खाली कराकर अतिरिक्त जमीन पर कब्जे की कोशिश की जा रही है।
कोर्ट में देंगे कार्यवाही की रिपोर्ट-प्रशासन
प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा है कि हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार कार्यवाही की गयी है। पूरी कार्यवाही की रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की जायेगी। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी प्रभावित व्यक्ति का अपनी बात रखनी है। वह न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकता है। फिलहाल कार्यवाही के बाद इलाके में प्रशासनिक निगरानी जारी है। ग्वालियर में हाईकोर्ट के निर्देश पर रविवार को जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने नारायण बिहार कॉलोनी में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की। इस बीच लगभग 75 मकानों को हटाया गया।

