B-2 बॉम्बर को मिली नयी शिप किलर मिसाईल, अमेरिका में किया गया सफल परीक्षण
नई दिल्ली. अमेरिकी वायुसेना ने प्रशांत महासागर मे B-2 स्पिरिट स्टेल्थ बॉम्बर से पहली बार LRASM मिसाइल दागी है। इस बीच मिसाइल ने समुद्र में मौजूद जहाज को निशाना बनाकर डुबो दिया। अमेरिका का कहना है कि इससे यह देखा गया है कि B-2 से लम्बी दूरी तक जहाजों पर कितनी सटीक प्रकार से हमला किया जा सकता है।
अमेरिकी वायुसेना ने बताया है कि यह पहली बार था। जब B-2 स्पिरिट स्टेल्थ बॉम्बर से LRASM मिसाइल का लाइव फायर टेस्ट किया गया। यह टेस्ट प्रशांत महासागर में उत्तरी मारियाना द्वीपों के उत्तर में किया गया है। बी-2 बॉम्बर और LRASM मिसाइल साथ मिकर कितनी घातक और अच्छी तरह से काम करते हैं।
यह टेस्ट अमेरिका के लिये क्यों हैं अहम
अमेरिका की पैसिफिक एयर फोर्सेज का कहना है कि B-2 और एलआरएएएसएम मिसाइल का यह सफल टेस्ट समुद्र में होने वाले ऑपरेशन के लिये महत्वपूर्ण है। इससे लम्बी दूरी से जहाजों तक पहुंचने और उन पर हमला करने की तैयारी का और मजबूती मिलेगी। रक्षा मामलों के जानकारों का कहना है कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच अमेरिका लगातार अपने हथियारों मॉर्डन की जांच और उपयोग बढ़ा रहा है।
B-2 स्टेल्थ बॉम्ब्र से LRASM मिसाइल का यह पहला लाइव फायर टेस्ट अमेरिकी वायुसेना के लिये एक अहम कदम माना जा रहा है। इससे साफ है कि अमेरिका समुद्र में लम्बी दूरी से अटैक करने की अपनी ताकत का और मजबूत करने पर लगातार काम कर रहा है।
B-2 बॉम्बर क्यों है खास?
B-2 स्पिरिट दुनिया के सबसे आधुनिक स्टेल्थ बॉम्बर्स में से एक है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह दुश्मन के रडार से बचते हुए लंबी दूरी तक उड़ सकता है। यह पारंपरिक और परमाणु, दोनों तरह के हथियार ले जाने में सक्षम है. अब LRASM मिसाइल के साथ इसका इस्तेमाल होने से समुद्र में दूर मौजूद जहाजों तक पहुंचकर हमला करना अमेरिका के लिए और आसान हो सकता है।

