MP में 30 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों का एरियर अटका, आंदोलन की चेतावनी दी
भोपाल. मप्र के स्वास्थ्य विभाग में काम कर रहे करीब 30 हजार आउटासोर्स कर्मचारियों को पिछले 2 वर्षें से न्यूनतम वेन का एरियर नहीं मिल पाया है। यह स्थिति सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, उपस्वास्थ्य केंद्रों और मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत कर्मचारियों पर लागू है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से एरियर भुगतान को लेकर स्पष्ट आदेश जारी किए जा चुके है लेकिन इसके बावजूद भुगतान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ सकी है।
रिकॉर्ड व्यवस्थित न होने के कारण भुगतान प्रक्रिया अटकी
श्रम आयुक्त के आदेश के बाद अप्रैल 2024 से पुनरीक्षित न्यूनतम वेतन देने के निर्देश भी जारी हुए थे लेकिन जमीनी स्तर पर इसका असर दिखाई नहीं दे रहा है। कर्मचारियों का कहना हे कि हर साल ठेकेदार बदलने और रिकॉर्ड व्यवस्थित न होने के कारण भुगतान प्रक्रिया लगातार अटकी हुई है। कई जगह ठेकेदारों द्वारा कर्मचारियों का सही डेटा तैयार नहीं किया गया और नियुक्ति व हटाने की प्रक्रिया भी मनमाने तरीके से की गई जिससे यह तय करना मुश्किल हो रहा है कि किन कर्मचारियों को एरियर दिया जाए।
स्वास्थ्य मंत्री के बंगले का घेराव किया जाएगा
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो भोपाल में स्वास्थ्य मंत्री के बंगले का घेराव किया जाएगा। ऑल डिपार्टमेंट आउटसोर्स अस्थाई कर्मचारी मोर्चा ने 28 जून को बैठक बुलाई है जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने आरोप लगाया कि ठेकेदारों और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत के कारण कर्मचारियों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है।

