नकली नोट खपाने वाले गिरोह के 3 सदस्य गिरफ्तार, 200 के 424 नोट और प्रिंटर जब्त
इंदौर. गांधी नगर पुलिस ने नकली नोट छापने और चलाने वाले तीन सदस्यीय गिरोह को पकड़ा है। इस गिरोह से 200 रुपये के 424 नकली नोट, प्रिंटर, हरी पन्नी, कटर और उच्च गुणवत्ता वाला कागज बरामद किया गया है। गिरोह का सरगना संजय वैष्णव पहले भी दो बार नकली नोट छापने के आरोप में गिरफ्तार हो चुका है। पुलिस के अनुसार उसने यूट्यूब देखकर नकली नोट छापना सीखा था। डीसीपी जोन-1 नरेंद्र सिंह रावत के अनुसार सबसे पहले आटाहेड़ा (देपालपुर) निवासी दीपक पुत्र पवन पटेल को गिरफ्तार किया गया। दीपक गुरुवार रात रिजलाय फाटा (नावदा पंथ) स्थित सांवरिटा रेस्टोरेंट में 200 रुपये का नकली नोट चलाने की कोशिश कर रहा था। रेस्टोरेंट संचालक यशवंत यादव को नोट पर संदेह हुआ और उसने नोट लेने से इन्कार कर दिया। बहस बढ़ने पर कर्मचारी आशीष चौहान ने दीपक को पकड़कर पुलिस बुला ली।
200 रुपये के नकली नोट बरामद
पूछताछ में दीपक ने बताया कि उसने संजय वैष्णव से नकली नोट खरीदे थे। संजय एक हजार रुपये के असली नोट लेकर चार हजार रुपये के 20 नकली नोट देता था। इसके बाद एसआई विकास शर्मा ने मानपुर रोड स्थित रवि चौधरी के घर पर छापा मारकर संजय वैष्णव और रवि को गिरफ्तार कर लिया। मौके से नोट छापने की सामग्री और 200 रुपये के 424 नकली नोट बरामद किए गए।
घर में ही नकली नोट छापना शुरू किया
इस बार उसने अपने कॉलेज मित्र रवि प्रताप मुकुट चौधरी निवासी मानपुर की मदद से उसके घर में ही नकली नोट छापना शुरू किया। आरोपियों ने ग्रामीण इलाकों की शराब दुकानों, पेट्रोल पंपों और ढाबों पर नकली नोट खपाने की योजना बनाई थी। इसके लिए ड्राइवरों और मजदूर वर्ग के लोगों की मदद ली जा रही थी। संजय यूट्यूब पर वीडियो देखकर प्रिंटर से नकली नोट तैयार करता था और उन पर हरे रंग की चमकीली पन्नी चिपकाकर असली जैसा स्वरूप देता था।

