ग्वालियर में मठ-मंदिरों की जमीन पर पुजारियों का विरोध, नए सरकारी नियमों के खिलाफ सत्याग्रह

ग्वालियर. शहर में मठ-मंदिरों की जमीनों को लेकर पुजारियों का विरोध खुलकर सामने आ गया। मंदिरों की कृषि भूमि के प्रबंधन और नीलामी से जुडे नए नियमों के विरोध में ग्वालियर चंबल के पुजारी परिवार सहित सत्याग्रह पर बैठ गए है। शहर के प्रसिद्ध हनुमान टेकरी मंदिर परिसर से शुरू हुए इस आंदोलन में बडी संख्या में पुजारी, साधु-संत और उनके परिवार के सदस्य शामिल हुए। महिलाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। आंदोलन के दौरान पुजारी संभाग आयुक्त कार्यालय पहुंच गए जहां वे रामधुन और हनुमान चालीसा का पाठ कर अपना विरोध जता रहे है। प्रदशन स्थल पर प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी मौजूद है। शांतिपूर्ण ढंग से चल रहे इस आंदोलन में एक अनोखा द्रश्य भी देखने को मिला। पुजायिों ने वहां अस्थायी रूप से मंदिर स्थापित कर पूजा-अर्चना शुरू कर दी।


मंदिरों की जमीन का पट्टा तहसीलदार के माध्यम से नीलाम किया जाएगा
पुजारियों का कहना है कि सरकार के नए प्रावधान के तहत 4 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि वाले मंदिरों की जमीन का पट्टा अब तहसीलदार के माध्यम से नीलाम किया जाएगा। यह नीलामी दोनों फसल सीजन के लिए होगी और इससे प्राप्त राशि संबंधित मंदिरों के खातों मे जमा कराई जाएगी। वहीं शासन का तर्क है कि इस धनराशि का उपयोग जर्जर और उपेक्षित मंदिरों के रखरखाव, मरम्मत तथा विकास कार्यों मे किया जाएगा।
अधिकारी पुजारी प्रतिनिधियों से चर्चा कर उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे
जानकारी के अनुसार हनुमान टेकरी मंदिर परिसर में चल रहे सत्याग्रह के दौरान पुजारी और उनके परिवारजन रामधुन, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान कर विरोध जता रहे है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने मंदिर परिसर के आसपास प्रलिस बल तैनात किया है। प्रशासनिक अधिकारी पुजारी प्रतिनिधियों से लगातार चर्चा कर उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *