गर्लफ्रेंड का अंतिम संस्कार पहुंचा बॉयफ्रेंड, पुलिस ने रूकवाया अंतिम संस्कार, पुलिस ने बॉयफ्रेंड को लिया हिरासत में

ग्वालियर. कंपू थाना इलाके स्थित गुढ़ा-गुढ़ी का नाका मुक्तिधाम पर सोमवार को पुलिस की मुस्तैदी से संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला शमशान की आग में दफन होने से बच गया। यदि पुलिस 5 मिनट भी देर से पहुंची तो महिला का अंतिम संस्कार हो गया होता। बिना किसी रिश्तेदार के अंकेले अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे युवक को देखकर लोगों को शक हुआ। जिसके बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया है। शव का अंतिम संस्कार करने वाला युवक मृत महिला का लिव-इन पार्टनर है। महिला विवाहिता थी और 2 साल पहले पति और बच्चों को छोड़कर युवक के साथ चली गयी थी। अब महिला की मौत कैसे हुई और इसके पीछे क्या वजह थे। इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के होगा। पोस्टमार्टम के बाद महिला का शव उसका पति और पिता भिंड ले गये।
पति और बच्चों को छोड़कर प्रेमी संग भागी थी मीनू
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मूल रूप से भिंड की रहने वाली मीनू की शादी वर्ष 2013 में रामानंद चौहान के साथ हुई थी, जिससे उनके दो बच्चे भी हैं। सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन इसी बीच मीनू की मुलाकात भिंड के ही एक मेल नर्स योगेश राठौर से हुई। पहली ही मुलाकात में दोनों के बीच प्यार हो गया था। साल 2024 में मीनू अपने पति और दोनों मासूम बच्चों को छोड़कर प्रेमी योगेश के साथ भाग गई थी। इसके बाद से दोनों दिल्ली में लिव-इन-रिलेशन में रह रहे थे।

