Newsमप्र छत्तीसगढ़

चंबल से ग्वालियर पानी लाने के मार्ग में कई बाधा, 2 किमी क्लीयरेंस अटका, 4 विभागों की NOC बाकी

ग्वालियर. चम्बल नदी-कोतवाल बांध का पानी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के भंवर में उलझा हुआ है। नेशनल अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने 18 करोड़ रूपये की फीस लेकर निगम को एनओसी तो दी, लेकिन 2 किमी क्लीयरेंस (6मीटर चौड़ाई) नहीं मिलने से काम की रफ्तार नहीं पकड़ रहा पा रहा है।
वहीं, मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) लोक निर्माण विभाग, मप्र सड़क विकास निगम लिमिटेड (MPRDC) रेलवे से निगम को अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। इसके चलते इस प्रोजेक्ट की अवधि को 3 माह बढ़ा दिया गया है। निगम ने शासन के नियमानुसार को ध्यान में रखकर 3 माह की अविध बढ़ाई हैं इसके बाद तीन-तीन माह बढ़ाकर मार्च 2027 तक काम पूरा करने का दावा अधिकारी कर रहे है। ग्वालियर तक चम्बल से पानी लाने का प्रोजेक्ट लगातार लेट हो रहा है। पहले भूमि पूजन 2-2 मुख्यमंत्रियों न किया । इस वजह प्रोजेक्ट पर काम शुरू नहीं हुआ है।
कार्य की अवधि ही नहीं लंबाई भी 12 किलोमीटर बढ़ाई
प्रोजेक्ट पहले 43 किलोमीटर लंबा था। अब इसकी लंबाई 12 किलोमीटर बढ़ाकर 55 किलोमीटर कर दी है। क्योंकि पहले कोतवाल बांध से पानी की लाइन टेकरी तक लाने के लिए सर्वे हुए था। उसमें अड़चन आने के बाद खेतों से लाइन डालने का तय किया है। ये लाइन लोनिवि की प्रस्तावित रोड के 10 मीटर सेंटर के बाद डाली जाएगी। इस कारण से इसकी लंबाई में इजाफा हुआ है।
चंबल नदी-कोतवाल बांध से पानी लाइन
458 करोड़ रुपए जीएसटी सहित लागत
55 किलोमीटर डलनी है लाइन
11 किमी क्षेत्र में डाली गई लाइन
03 माह टाइम लिमिट बढ़ाई गई
कोतवाल इंटकवैल बनाने का काम शुरू

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *