3 महीने बाद बंद हो जाएगी LPG सिलेंडरों की आपूर्ति
ग्वालियर. शहर अब सिलेंडर युग से निकलकर पाइपलाइन युग की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। अमेरिका- ईरान युद्ध के चलते उपजे वैश्विक गैस संकट और घरेलू सिलेंडरों की 10 से 12 दिन की लंबी वेटिंग ने सरकार को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। प्रशासन ने लक्ष्य रखा है कि अगले तीन महीने में शहर की 400 बड़ी मल्टियों को अनिवार्य रूप से पीएनजी (पाइप नेचुरल गैस) से जोड़ दिया जाए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जिन क्षेत्रों में पीएनजी लाइन पहुंच चुकी है, वहां तीन महीने बाद एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति पूरी तरह बंद कर दी जाएगी।
928 किमी. लंबा नेटवर्क
शहर में पीएनजी के विस्तार की जिम्मेदारी दो प्रमुख कंपनियों पर है। अवंतिका गैस का 928 किलोमीटर लंबा विस्तृत नेटवर्क पहले से मौजूद है, वहीं अब राजस्थान गेल ने भी एंट्री मार ली है जिसने 19 किलोमीटर की नई लाइन बिछा ली है। वर्तमान में शहर में 85 हजार कनेक्शन देने की क्षमता है, लेकिन रिकॉर्ड में 66 हजार उपभोक्ता ही दर्ज हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से भी केवल 45 हजार लोग ही नियमित पीएनजी का उपयोग कर रहे हैं। इस खाई को पाटने के लिए अब मल्टियों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं।
क्या बोले जिम्मेदार
शहर को चरणबद्ध तरीके से पीएनजी की ओर शिफ्ट किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन उपलब्ध है, वहां निवासियों को कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा, क्योंकि तीन महीने बाद उन क्षेत्रों में सिलेंडर की सप्लाई बंद कर दी जाएगी। मल्टियों में शिविर लगाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। अरविंद भदौरिया, जिला आपूर्ति नियंत्रक
कंट्रोल रूम में तैनात किए सेल्स मैनेजर
गैस और तेल कंपनियों की आपूर्ति चेन पर नजर रखने के लिए जिला आपूर्ति नियंत्रक कार्यालय में सेल्स मैनेजरों को तैनात किया गया है। ये अधिकारी पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों के स्टॉक की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग कर रहे हैं ताकि किल्लत के समय कालाबाजारी न हो और जहां शिकायत मिले वहां तुरंत निराकरण किया जा सके।

