अक्टूबर-नवंबर तक बन तैयार होगा ग्वालियर रेलवे स्टेशन, सिंधिया ने दिया सुझाव -स्टेशन पर डाले जाने पत्थरों का काम करने वाले कारीगरों का भी हो नाम-ज्योतिरादित्य सिंधिया

ग्वालियर. दो प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर वाले प्रोजेक्ट्स वेस्टर्न बायपास और रेलवे स्टेशन का निरीक्षण मंगलवार को ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ निर्माण कार्यो की प्रगति की समीक्षा की और मौके पर ही विस्तृत जानकारी प्राप्त की ।अमृत भारत स्टेशन योजना क तहत ग्वालियर के रेल्वे स्टेशन के पुर्ननिर्माण कार्य का निरीक्षण करने के लिये सिंधिया स्वयं स्टेशन पहुंचे। उन्होंने ग्राउंड फ्लोर से लेकर फर्स्ट फ्लोर तक निर्माण की स्थिति का जायजा लिया।

इस बीच रेल अधिकारियों ने एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रोजेक्ट की प्रगति और डिजाइन और आगामी कार्ययोजना की जानकारी शेयर की। रेलवे स्टेशन के निर्माण कार्य को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच सिंधिया ने निर्माण कार्य की तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि स्टेशन पर ट्रेनों का नियमित संचालन जारी रहते हुए निर्माण कार्य करना एक बड़ी चुनौती भरा कार्य है। ऐसे वातावरण में कार्य की क्वालिटी और गति बनाये रखना आसान नहीं होता है। उन्होंने कहा है कि रेल विभाग इस चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में भी बेहतर तरीके से काम कर रहा है। जिससे यात्रियों को कम से कम परेशानी हो और ट्रेनों के संचालन पर कोई प्रभाव न पड़े।
22वीं सदी के स्टेशन जैसा अनुभव देगा
सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर रेलवे स्टेशन का पुनर्निर्माण पूरा होने के बाद यह केवल 21वीं सदी ही नहीं बल्कि “22वीं सदी के स्टेशन” जैसा अनुभव देगा। उन्होंने कहा कि स्टेशन के डिजाइन में ग्वालियर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक स्थापत्य कला को भी शामिल किया जा रहा है, जिससे यह आधुनिकता और परंपरा का अनूठा संगम बनेगा।
इसके साथ ही उन्होंने एक दिलचस्प सुझाव भी दिया। सिंधिया ने कहा कि यदि स्टेशन के सौंदर्यीकरण में पत्थर की कारीगरी का उपयोग होता है और स्ट्रक्चरल ऑडिट इसकी अनुमति देता है, तो कारीगरों को अपने बनाए गए हिस्से पर अपना नाम अंकित करने की अनुमति दी जानी चाहिए। इससे आने वाली पीढ़ियां इन कारीगरों के योगदान को याद रख सकेंगी और उनकी कला को स्थायी पहचान मिलेगी।

