ग्वालियर स्मार्ट सिटी का नया दौर शुरू, फंडिंग बंद- डिजिटलाइजेशन तेज
ग्वालियर. स्मार्ट सिटी डेवलपेंट कॉर्पोरेशन का कार्यकाल 31 मार्च को समाप्त हो रहा है। इसके साथ ही अब कार्पोरेशन को केंद्र और राज्य सरकार से कोई नया बजट नहीं मिलेगा। वर्ष 2016 में शुरू हुए इस मिशन के तहत अब कार्पोरेशन को स्वतंत्र एजेंसी के रूप में कार्य करना होगा और अपने प्रोजेक्ट्स के जरिए आय अर्जित करनी होगी।
10 साल के रिकॉर्ड का डिजिटलाइजेशन शुरू
कार्यकाल समाप्त होने से पहले कार्पोरेशन ने अपने पिछले 10 वर्षों के रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में सुरक्षित करने का निर्णय लिया है। अभी तक सभी दस्तावेज कागजी फाइलों में मौजूद है जिससे भविष्य में इनके गुम या नष्ट होने का खतरा बना रहता है। इस समस्या को देखते हुए अब रिकॉर्ड को स्कैन कर डिजिटल रूप में सहेजा जा रहा है। इसके लिए एक विशेष टीम गठित की गई है जो हर दस्तावेज को स्कैन कर ऑनलाइन स्टोर कर रही है।
हजारों पन्नों का किया जा रहा डिजिटलीकरण
स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन द्वारा अब तक 78 प्रोजेक्ट्स पर काम किया गया है। इन सभी परियोजनाओं की फाइलों में लगभग एक लाख पन्ने है। अब तक 50 हजार से अधिक पन्नों को स्कैन कर ऑनलाइन किया जा चुका है। सॉफ्टवेयर विंग की टीम इस काम में प्रतिदिन लगी हुई है और अप्रैल के अंत तक पूरे रिकॉर्ड को डिजिटल करने का लक्ष्य तय किया गया है।

