मालनपुर में रेलवे ब्रेक शू से लेकर ऑटो पार्ट्स, दवा तक का काम ठप, फैक्ट्रियों में पसरा सन्नाटा
ग्वालियर. अमेरिका, इजरायल- ईरान युद्ध का सीधा असर अब ग्वालियर-चंबल संभाग के औद्योगिक गलियारे पर दिखने लगा है। मालनपुर, बानमोर और शंकरपुर जैसे इंडस्ट्रियल एरिया की धड़कन कहे जाने वाले कारखानों में मजदूरों की रोजी रोटी पर संकट आ गया है। मालनपुर में बीते 20 दिनों (6 मार्च) से कमर्शियल सिलेंडरों की एक भी डिलीवरी नहीं हुई है, जिससे कई यूनिट्स में ताले लटकने की नौबत आ गई है। मालनपुर की जो इकाइयां पूरे देश के लिए रेलवे के ब्रेक शू बनाती है, वहां अब सन्नाटा पसरने वाला है। उद्यमी आशीष वैश्य के मुताबिक, गैस कङ्क्षटग और फैब्रिकेशन का काम पूरी तरह ठप है। महीने में 50 सिलेंडर की जरूरत है, लेकिन स्टॉक शून्य है। अब रेलवे को पत्र लिखकर हाथ खड़े कर दिए गए हैं कि हम सप्लाई नहीं कर पाएंगे। इसका असर आने वाले दिनों में देश की रेल सेवाओं के रखरखाव पर भी पड़ सकता है।
दवा, एल्युमीनियम कैप्स उद्योग को भी झटका
बानमोर औद्योगिक क्षेत्र में एल्युमीनियम कैप्स बनाने वाली यूनिट्स की प्रिंटिग मशीनें शांत पड़ गई हैं। उद्यमी सुदीप शर्मा ने बताया कि रोजाना 7 कमर्शियल सिलेंडरों की जरूरत होती है, लेकिन 15 दिनों से आपूर्ति बंद है। यहां बनने वाले कैप्स पूरे मध्य प्रदेश की डिस्टलरी और फार्मास्यूटिकल (दवा) कंपनियों को सप्लाई होते हैं, जिससे अब दवाओं की पैकिंग पर भी संकट खड़ा हो गया है।

