ईरान ने होर्मुज के पास दुश्मन का फायटर जेट एफ-35 मार गिराने का दावा किया
नई दिल्ली. ईरान की सेना ने रविवार की दोपहर में दावा किया है कि उसने देश के दक्षिणी तट और होर्मूज द्वीप के पास एक दुश्मन के एफ-15 फायटर जेट को मार गिराया है। यह कार्यवाही ईरान की वायु रक्षाप्रणाली के माध्यम से की गयी है। ईरानी समाचार एजेंसी फार न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इस आधुनिक अमेरिकी फायटर जेट को जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली से निशाना बनाया गया है। एजेंसी ने एक वीडियो भी जारी किया गया है। जिसमें वायु रक्षा प्रणाली द्वारा एफ-15 को लॉक करते हुए दिखाने का दावा किया गया है। हालांकि इस घटना की अब तक अमेरिका या उसके मध्य-पूर्वी सहयोगी देशों की तरफ से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
कौन-कौन से एयरक्राफ्ट हुए तबाह
सबसे ज्यादा नुकसान ड्रोन सेक्टर में हुआ है। अमेरिका के 12 एमक्यू-9 रीपर ड्रोन मार गिराये है। एमक्यू-9 रीपर एक अत्याधुनिक ड्रोन है। जिसका उपयोग लम्बे समय तक निरिानी और सटीक हमलों के लिये किया जाता है। इसमें हेलफायर मिसाइलें लगी होती है। यह लगभग 27 घंटे तक हवा में रह सकता है। इन ड्रोन को ईरान के सैन्य ठिकानों और रिवोल्यूशनरी गार्ड के कैप्स को निशाना बनाने के लिये भेजा गया था। लेकिन ईरानकी मजबूत एयरडिफेंस और मिसाइल सिस्टम ने इन्हें रास्तेमें ही नष्ट कर दिया। एक रीपर ड्रोन की कीमत करीब 250 करोड़ रूपये बताई जाती है। पिछले दिनों एफ-15 फायटर जेट को कुवैत की वायुसेना ने इसे दुश्मन का समझकर मिसाइल से निशाना बना दिया। यह सभी विमान ईरान के खिलाफ मिशन पर थे। इस हादसे में तीनों पायलेट्स की मौत हो गयी है। एफ-15 भले ही पुराना प्लेटफार्म है। लेकिन आज भी इसे बेहद ताकतवर माना जाता है। यह हवा से हवा और हवा से जमीन पर अटैक करने में सक्षम है।
टैंकर विमान मार गिराया
चौथा विमान केसी-135 स्ट्रार्ट टैंकर था जो हवा में दूसरे फायटर जेट्स को ईधन भरने का काम करता है। यह इराक के ऊपर एक रीफ्यूलिंग मिशन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस विमान में मौजूद सभी 6 क्रू मेम्बर्स की जान चली गयी है। केसी-135 जैसे टैंकर विमान लम्बी दूरी के मिशनों के लिये बेहद आवश्यक होते हैं। क्योंकि इसके बिना एफ-15 और एफ-35 जैसे फायटर जेट्स अधिक देर तक ऑपरेशन नहीं कर सकते है।

