इलेक्ट्रिसिटी बिल की टेंशन खत्म, IISER की स्मार्ट तकनीक से आप खुद तय करेंगे कितनी चाहिए बिजली
भोपाल. आने वाले समय में इमारतों में बिजली की खपत को नियंत्रित करना और भी आसान हो सकता है। भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आइसर) की नई स्मार्ट टेक्नोलॉजी की मदद से अब यह पता लगाया जा सकेगा कि किस भवन में कितने लोग मौजूद हैं और उसी हिसाब से बिजली का उपयोग किया जा सकेगा। इससे ऊर्जा की बचत के साथ भवन प्रबंधन भी बेहतर होगा। यह रिसर्च आइसर के एसोसिएट प्रोफेसर हारून आर लोन द्वारा की गई है।
कम लागत वाले थर्मल कैमरों का होता है उपयोग
इस तकनीक में कम लागत वाले थर्मल कैमरों का उपयोग किया जाता है। ये कैमरे कमरे या हॉल में मौजूद लोगों की संख्या का अंदाजा लगा लेते हैं। इसके बाद एक विशेष कंप्यूटर एल्गोरिद्म उस जानकारी के आधार पर अनुमान लगाता है कि भवन में कितनी बिजली की जरूरत होगी।
सीमित डेटा, सटीक अनुमान
तकनीक की एक और खास बात यह है कि यह सीमित डेटा के आधार पर भी ऊर्जा की खपत का सटीक अनुमान लगाने में सक्षम है। इससे बड़ी इमारतों, ऑफिस, मॉल और संस्थानों में बिजली की अनावश्यक खपत को कम किया जा सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की स्मार्ट तकनीक से ऊर्जा की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। भविष्य में स्मार्ट सिटी और ग्रीन बिल्डिंग्स में इस तरह की तकनीकों का उपयोग तेजी से बढ़ने की संभावना है।
हर समय नजर रखने की जरूरत नहीं
इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि बिल्डिंग मैनेजर को हर समय बिजली की खपत पर नजर रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सिस्टम खुद ही यह तय कर सकेगा कि कब लाइट ज्यादा चलानी है और कब कूलिंग या एयर कंडीशनिंग कम या ज्यादा करनी है।

