जीवाजी विश्वविद्यालय में भर्ती घोटाले की 8 सप्ताह में जांच पूरी करे सीआईडी- हाईकोर्ट
ग्वालियर. जीवाजी विश्वविद्यालय में नियमों के विरुद्ध अध्यापकों की नियुक्ति मामले में मप्र हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने सीआईडी को आदेश दिया है कि इस मामले की जांच 8 सप्ताह में पूरी करें यह आदेश जस्टिस शील नागू और जिस्टस राजीव कुमार श्रीवास्तव की युगलपीठ ने तत्कालीन कार्य परिषद सदस्य रहे राजेन्द्र सिंह यादव की अपील पर सुनवाई के दौरान दिया।
सीआईडी ने जांच शुरू की लेकिन पूरी नहीं हो सकी
जीवाजी विश्वविद्यालय में वर्ष 2011 से 2012 के बीच अध्यापकों की भर्ती मामले में याचिकाकर्ता राजेन्द्र सिंह यादव ने 22 अगस्त 2016 को इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। सीआईडी ने इस मामले को दर्ज कर जांच शुरू की लेकिन वह पूरी नहीं हो सकी। इन नियुक्तियों की शिकायत के बाद भी जब कोई जांच नहीं हुई तक इस मामले को जीवाजी विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद ने उठाया गया। कार्यपरिषद ने इस मामले की जांच सीआईडी से कराए जाने का प्रस्ताव पारित कर मामले को सीआईडी को भेजा।
सीआईडी द्वारा जांच नहीं किए जाने पर याचिकाकर्ता यादव ने इस मामले की नियमानुसार जांच करए जाने की मांग को लेकर याचिका प्रस्तुत की थी, एकल पीठ ने यादव की याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि वे लोकायुक्त पुलिस को मामले की शिकायत कर सकते है। यादव ने इस आदेश के खिलाफ यह कहते हुए अपील प्रस्तुत की गई कि जब इस मामले की जांच सीआईडी के पास लंबित है तो दूसरी जांच एजेंसी को शिकायत नहीं की जा सकती। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद सीआईडी को 8 सप्ताह में जांच पूरी करने के निर्देश दिए है।

