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भोपाल में आतंकियों की मौजूदगी की जांच के लिए एसआइटी गठित करेगी सरकार

भोपाल. भोपाल के ऐशबाग और करोंद इलाके से शुक्रवार-शनिवार दरम्यानी रात पकड़े गए चार आतंकियों को लेकर सरकार ने प्रदेश में अलर्ट जारी किया है। सभी थानों को सतर्क रहने और संदिग्ध लोगों की पहचान एवं पूछताछ कर जानकारी इकठ्ठी करने को कहा है। राज्य सरकार इसकी विस्तृत जांच के लिए एसआइटी (स्पेशल टास्क फोर्स) गठित कर रही है। चार में से तीन आरोपितों ने स्वीकार कर लिया है कि वे बांग्लादेश से हैं।

आतंकरोधी दस्ते (एटीएस) ने खबरियों से मिले इनपुट के आधार पर शुक्रवार रात तीन बजे ऐशबाग इलाके में एक मकान पर छापा मारा था। वहां से आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (जेएमबी) के चार आतंकियों को गिरफ्तार किया है। उनसे विस्फोट बनाने वाले औजार, एक दर्जन से अधिक लेपटाप सहित बड़ी मात्रा में जिहादी पर्चे एवं संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं। इसके बाद पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है। सभी थानों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को मुखबिरों को सक्रिय करने और संदिग्ध लोगों की पहचान कर उनसे पूछताछ करने को कहा गया है। वहीं मामले की विस्तृत जांच के लिए गठित की जा रही एसआइटी आज से ही काम शुरू कर सकती है। गृहमंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने भरोसा दिलाया कि आज शाम या कल तक इसकी तह में पहुंच जाएंगे।

सदन में उठा आतंकियों का मुद्दा
भोपाल में आतंकी पकड़े जाने का मुद्दा सोमवार को सदन की कार्यवाही के दौरान विधानसभा में उठा। गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने इस कार्यवाही को लेकर पुलिस को बधाई दी। कांग्रेस विधायक सज्जन सिंह वर्मा ने कहा डेढ़ साल से आतंकी भोपाल में रह रहे थे और सरकार को पता नहीं चल सका। सरकार का सूचना तंत्र पूरी तरह से फेल है। विपक्ष इस मामले में सरकार पर निशाना साधता रहा।

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रूस -यक्रेन युद्ध से भारत के लिये सबसे बड़ा सबक, गलतियों को सुधारना बेहद आवश्यक

नई दिल्ली. बड़े बुजुर्ग कहते हैं कि गलतियों से सबक लेना चाहिये। लेकिन यह जरूरी तो नहीं कि स्वयं की गलती से ही सीखा जाये। दूसरों की गलती से भी सीखकर अपनी नीतियों में बदलाव किया जा सकता है। इस वक्त यह बात भारत के लिये बिलुकुल सटीक बैठती है। रूस-यूक्रेन युद्ध में यूक्रेन की गलतियों से भारत को सबक लेना चाहिये। इसमें सबसे बड़ा सबक यह है कि भविष्य में जंग जीतने के लिये उधार की ताकत पर निर्भर नहीं रहा जा सकता है। हमें हथियारों और युद्ध तकनीक के बारे में आत्म निर्भर होने की जरूरत है। तभी भारत भविष्य में आने वाली जंग जैसी चुनौतियों का सामना कर पायेगा।

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राष्ट्रपति जेलेंस्की क्या देश छोड़कर भाग गये, विपक्षी नेता ने किया दावा

कीव. रूसी सेना यूक्रेन की राजधानी कीव में दाखिल हो चुकी है। कुछ मीडिया रिपोटर््स में कहा गया है कि सेना के पास एक हिट लिस्ट है। जिसमें यूक्रेन के राष्ट्रपति बालोदिमोर जेलेंस्की समेत 24 टॉप अधिकारियों के नाम है। यानी इन सभी को मौत के घाट उतारना है। ऐसे में जेलेंस्की को लेकर तरह-तरह की खबरें आ रही है। रूस की ओर से दावा किया गया था कि यूक्रेनों प्रेसीडेंट मुल्क छोड़कर भाग गये हैं। लेकिन कीव ने इसका खण्डन किया था। अब यूक्रेन के ही विपक्षी नता ने एक बड़ा दावा किया है।

US ने दिया था जेलेंस्की को ऑफर 

रूसी मीडिया की तरफ दावा किया गया था कि वोलोदिमीर जेलेंस्की यूक्रेन की राजधानी कीव के बंकर से निकलकर पोलैंड भाग गए हैं ।  अब यूक्रेन के एक विपक्षी नेता का कहना है कि प्रेसिडेंट जेलेंस्की पोलैंड में मौजूद अमेरिकी एम्बेसी में छिपे हैं ।  महज दो दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि जेलेंस्की जब चाहें उन्हें यूक्रेन से एयरलिफ्ट कर लिया जाएगा।  हालांकि, यूक्रेन की संसद  ने जारी बयान में कहा है कि जेलेंस्की अभी भी कीव में ही हैं।

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यूक्रेन से लौटे छात्रों ने पीएम की मुलाकात, पीएम से शेयर किये अनुभव

वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरूवार को वाराणसी में यूक्रेन से लौटे छात्रों से मुलाकात की है, वतन वापिसी के छात्रों ने पीएम से अपने अनुभव शेयर किये। पीएम से मिलने वाले यह छात्र वाराणसी के साथ-साथ उत्तरप्रदेश के अन्य हिस्सों से थे।

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यूक्रेन और रूस की सेना के बीच जबरदस्त भिंड़ंत, कई सैनिकों के मरने की खबर

खारकीव में रूसी सेना के हमले के बाद इमारत से उठता धुआं

कीव. रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग का आज 7वां दिन है। रूस की आर्मी यूक्रेन की राजधानी कीव पर लगातार बमबारी कर रही है। मिसाइलें दाग रही है। इसके अलावा शहर पर रूसी सेना का कब्जा हो गया है और खारकीव में भी उसके सैनिक पहुंच गये हैं।
आज यूक्रेन रूस के बीच दूसरे दौर की बैठक होनी है। इसमें कुछ समाधान निकालने की उम्मीद जताई जा रही है। जिससे युद्ध रूके, सुबह अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा है कि पुतिन ने यूक्रेन पर हमला करके बहुत बड़ी गलती की है। यूक्रेन और रूस के युद्ध से जुड़े हर बड़े खबर आप तक पहुंचा रहे हैं।

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भारतीयों को शहर छोड़ने के लिये कहा गया, दूतावास ने फायरिंग के बीच जारी की गयी एडवायजरी

नई दिल्ली. यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध के बीच भारत सरकार की तरफ से एक एडवायजरी जारी की गयी है। इसमंें कहा गया है कि यूक्रेन के खारकीव में मौजूद सभी भारतीयों को भारी गोलाबारी के बीच अपनी सुरक्षा के लिये तुरंत शहर छोड़ दें।
रात तक सभी को शहर छोड़ने की हिदायत
यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने खारकीव में भारतीय नागरिकों को तत्काल एडवायजरी जारी की गयी है। एडवायजरी में कहा गया है कि खारकीव को तुरंत छोड़ देना चाहिये। जल्द से जल्द पिसोचिन, बेजलुडोव्का और बाबे के लिये आगे बढ़ें। उन्हें शाम 6 बजे तक (यूक्रेनी समय) तक इन बस्तियों तक पहुंचना होगा। यानी भारतीय समय के अनुसार सभी भारतीयों को आज 9.30 बजे तक हर हाल में शहर छोड़ने के लिये कहा गया है।

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कीव पर एयरस्ट्राइक -रूस की सेना टीवी टॉवर को उड़ाया, चैनलों का बन्द हुआ प्रसारण

कीव. रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर हमला कर दिया। ऐसा बताया जा रहा हहै कि रूस ने कीव में टीवी टॉवर पर एयर स्ट्राइक की और इस हमले के बाद से यूक्रेन के टीवी चैनलों का प्रसारण बन्द हो गया।
यूक्रेन के अधिकारियों ने बताया कि रूसी सेना ने मंगलवार की शाम को कीव टीवी टॉवर और यूक्रेन के होलोकास्ट मेमोरियल पर बमबारी की। इस हमले में 5 लोगों की मौत हुई है। जबकि 5 लोग घायल हुए हैं।
उधर, कीव के फास्टिव जिले में रूस की बमबारी से एक घर तबाह हो गया। मलबे से घर मालिक महिला का शव मिला है। जबकि उसके पति की तलाश की जा रही है।


कीव है रूस का मुख्य टारगेट-जेलेंस्की
यूक्रेन पर रूस के हमले 6 दिनों से जारी है। रूसी सेना कीव की ओर लगातार बढ़ रही है। कीव अभी भी यूक्रेन के नियंत्रण में है। यूक्रेन का कहना है कि उनके सैनिक और नागरिक रूसी सेना से लड़ने के लिये तैयार है। उधर, राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने यूक्रेन के नागरिकों के लिये जारी संदेश में कहा, दुश्मनों के लिये कीव मुख्य टारगेट है। हम उन्हें राजधानी की सुरक्षा को तोड़ने नहीं देंगे। यूक्रेन के राष्ट्रपति के सलाहकार ओलेक्सी ने कहा है कि रूसी सेना पूर्वी यूक्रेन में उत्रर के पास से दूसरे सबसे बड़े शहर कीव और खारकीव को घेरने की कोशिश कर रही है। रूसी सैनिक कीव पर लगातार फायरिंग कर रहे हैं।
रूस ने यूक्रेन के लोगों से कीव छोड़ने के लिये कहा
इससे पहले रूस ने राजधानी कीव में रह रहे लोगों को चेतावनी दी थी। रूस ने कहा था कि राजधानी में रहने वाले लोग सुरक्षित स्थान पर पहुंचे या कीव से बाहर निकल जायें। मंगलवार को रूस ने चेतावनी दी कि सरकारी इमारतों के पास रहने वाले लोग सुरक्षित स्थान पर पहुंचे।
कीव में दिनभर बच रहे है अलर्ट सायरन
इतना ही नहीं कीव में हमलों के प्रति सेचत करने वाले अलर्ट सायरन लगातार बच रहे हैं। लोगों से शेल्टरों में जाने के लिये कहा जा रहा है। ताकि वह किसी भी तरह के हमले के चपेट में न आये।

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यूक्रेन में फंसे ग्वालियर के स्टूडेंट्स: छात्र बोले- बाहर कर्फ्यू, सीधे गोली मारने के ऑर्डर, कैसे निकलें

नई दिल्ली. यूक्रेन पर रूस लगातार हमला कर रहा है। कीव शहर में ग्वालियर के पवन सोलंकी अभी भी फंसे हुए हैं। पवन ने बताया कि, एंबेसी स्टूडेंट्स को अपनी रिस्क पर रोमानिया, हंगरी या पोलैंड बॉर्डर पर पहुंचने के लिए कह रही है। यहां से सबको एयरलिफ्ट किया जा रहा है। यूक्रेन में कर्फ्यू लगा हुआ है। किसी को भी देखते ही शूट करने के ऑर्डर हैं। पवन के साथ प्रदेश के 6 से 7 स्टूडेंट फंसे हैं।

पवन ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट कर अपना दर्द बयां किया है। यहां ग्वालियर में परिजन उनके घर लौटने के लिए दुआएं कर रहे हैं। इसी तरह ग्वालियर के शांतनु बामनगया चार दिन से पोलैंड बॉर्डर पर फंसे हैं, लेकिन यूक्रेन की फोर्स बॉर्डर नहीं खोल रही। शांतनु के भाई ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और सेनाध्यक्ष से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने ट्वीट कर कर शांतनु को पोलैंड बॉर्डर से निकालने की मांग की है।

इंस्टाग्राम पर वीडियो डाल छात्रों ने मांगी मदद
ग्वालियर की अमलताश कॉलोनी गोला का मंदिर निवासी पवन सिंह सोलंकी (25) ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया। जिसमें वह कह रहे हैं, ‘हम कई दिन से बंकर में छिपे हुए हैं। यहां सिर्फ धमाके और सायरन की गूंज सुनाई दे रही है। सरकार मदद का दावा कर रही है, लेकिन अब तक कोई मदद नहीं मिली है। यहां से आधा किलोमीटर दूर ही बम गिर रहे हैं। सड़कों पर यूक्रेनी सेना दौड़ रही है। इंडियन एंबेसी के अधिकारी कह रहे हैं कि किसी भी तरह बॉर्डर तक आ जाओ। सभी बॉर्डर यहां से 80 से 100 किलोमीटर की दूरी पर है। कीव और खार्किव में कर्फ्यू लगा है। शूट एट साइट के ऑर्डर हैं। एक घंटे की छूट मिलती है। हम बंकर से तक निकल नहीं पा रहे।’

वहीं ग्वालियर के ही स्टूडेंट पवन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें वह कह रहे हैं, सभी देशों ने अपने छात्रों को यूक्रेन से निकाल लिया है। भारतीय स्टूडेंट्स यहां अभी भी बड़ी संख्या में फंसे हुए हैं। क्या भारत सरकार इतनी कमजोर है कि अपने छात्रों को निकाल नहीं पा रही।

 

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सख्ती के साथ अवैध कॉलोनियों को पनपने से रोकें. करें सख्त कार्रवाई – कलेक्टर

ग्वालियर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त माफियाओं की एक हफ्ते में सूची तैयार करें। साथ ही चिन्हित भू-माफियाओं के खिलाफ अभियान बतौर कार्रवाई की जाए। इस आशय के निर्देश कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने अंतरविभागीय समन्वय बैठक में जिले के सभी एसडीएम एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को दिए।
सोमवार को यहाँ कलेक्ट्रेट के सभागार में आयोजित हुई बैठक में कलेक्टर ने भू-माफिया, खनन माफिया, मिलावटखोर व चिटफंड जैसी अवैध गतिविधियों में लिप्त माफिया को सूचीबद्ध कर कार्रवाई करने की हिदायत दी है। बैठक में जानकारी दी गई कि एंटी माफिया अभियान के तहत जनवरी व फरवरी माह के दौरान 69 अवैध निर्माण तोड़े गए और 60 एकड़ बेशकीमती जमीन भू-माफियाओं के कब्जे से मुक्त कराई गई है। शासकीय जमीन पर अतिक्रमण की जुर्रत करने वाले सात भू-माफियाओं के खिलाफ पुलिस थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। इसी अवधि में अवैध उत्खनन के 50 प्रकरण बनाए गए और अवैध उत्खनन करने वाले 9 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसी तरह खाद्य पदार्थों में मिलावट के 45 प्रकरण दर्ज कर सात एफआईआर दर्ज हुई हैं। इसके अलावा सार्वजनिक वितरण प्रणाली में गड़बड़ी करने वाले दो लोगों के खिलाफ पुलिस में प्रकरण दर्ज कराए गए हैं।
कलेक्टर ने सभी एसडीएम व नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सख्ती के साथ अवैध कॉलोनियों को पनपने से रोकें। उन्होंने सभी एसडीएम को यह भी निर्देश दिए कि भू-अधिकार व धारण अधिकार अधिनियम के तहत ज्यादा से ज्यादा पात्र परिवारों को आवासीय जमीन के पट्टे दिलाएँ। उन्होंने इसकी धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। साथ ही कहा कि गाँव स्तर पर भी सकरे घरों में ऐसे परिवारों को भी आवासीय जमीन के पट्टे दिलाएँ, जिनकी सदस्य संख्या अधिक है।
बैठक में सीएम हैल्पलाइन के प्रकरणों के निराकरण में और तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही एक जिला-एक उत्पाद, एडॉप्ट इन आंगनबाड़ी अभियान, राजस्व वसूली, आयुष्मान कार्ड, कोविड टीकाकरण, ऊर्जा बचत, शिशु एवं मातृ मृत्यु दर, स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में पेयजल व्यवस्था इत्यादि की समीक्षा भी की गई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आशीष तिवारी व अपर कलेक्टर एचबी शर्मा सहित जिले के एसडीएम व विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

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Russian-Ukraine war- युद्ध के मैदान में वार-पलटवार जारी, रूस के मिलिट्री प्लेन को मार गिराया

कीव . Russian-Ukraine war  रूस-यूक्रेन हमला अब खतरनाक दौर में पहुंच गया है। जहां रूसी-सेना यूक्रेन की राजधानी कीव पर ताबड़तोड़ हमले कर रही वहीं यूक्रेन भी पलटवार के मोड में है। लिहाजा यूक्रेन की सेना ने दावा किया है कि उसने पैराट्रूपर्स के साथ रूसी सैनय परिवहन विमान को मार गिराया हे। इसमेंकई सैनिक सवार थे। हालांकि यह साफ नहीं हो सकता है कि विमान में कितने सैनिक थे। यूक्रेन की सेना की तरफ से दावा किया गया है कि उन्होंने कीव से लगभग 40 किमी दक्षिण में मिलिट्री प्लेन आईएल-76 को मार गिराया है। यूक्रेन ने बताया है कि उसने कीव के शहर वासिलकिव के पास प्लेन को ध्वस्त किया है। हालांकि इस पर अभी तक रूस की तरफ से कोई भी प्रतिक्रिया नहीं आयी है।
हवाई हमले में सैकड़ों लोग मारे गये
इससे पहले यूक्रेन ने दावा कियिा था कि रूस के युद्धपोतों ने शुक्रवार को काला सागर में ओडेसा पोर्ट के पास 2 मालवाहक जहांजों को टारगेट किया हे। रूस ने यूक्रेन पर हवाई हमला किया था। इसमें सैक्ड़ों लोगों की मौत हो गयी। रूस की तरफ से अभी तक कुल 3 गैर -सैन्य जहाजों को निशाना बनाया गया है। इससे पहले गुरूवार को तुर्की मालवाहक जहाज पर बमबारी की गयी थी।

हमले ने यूक्रेन की तस्वीर बदल कर रख दी

रूस के हमले ने यूक्रेन की तस्वीर बदल कर रख दी है।  हालात ऐसे हैं कि यूक्रेन अन्य देशों की ओर मदद की आस लिए ताक रहा है।  वहीं स्वीडन उसकी मदद को आगे आया है. जिसके बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने स्वीडन का धन्यवाद किया है।  जेलेंस्की ने एक ट्वीट में लिखा- स्वीडन यूक्रेन को सैन्य, तकनीकी और मानवीय सहायता प्रदान कर रहा है।   प्रभावी समर्थन के लिए स्वीडन के प्रधानमंत्री का आभार. हम एक साथ पुतिन विरोधी गठबंधन का निर्माण कर रहे है।

 

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