8th Pay Commission को लेकर कर्मचारियों ने रखीं 3 बड़ी डिमांड, मिनिस्ट्री को सौंपा लेटर
नई दिल्ली. 8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों ने सरकार के सामने 3 बड़ी डिमांड रखी हैं। ये मांगें इतनी जरूरी हैं कि इनके बिना 1 करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों की सैलरी-पेंशन में संशोधन नामुमकिन है। इसी को लेकर कर्मचारी यूनियन ने वित्त मंत्री और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के सचिव से आग्रह किया है कि इन मांगों पर ध्यान देकर इनका तत्काल निष्पादन कराया जाए।
8वें वेतन आयोग में देरी पर चिंता
भारत के पेंशनभोगियों की सबसे पुरानी और प्रमुख संस्था भारत पेंशनर्स समाज ने 8वें वेतन आयोग की प्रगति में हो रही देरी पर चिंता जताई है। संस्था ने वित्त मंत्री और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के सचिव को पत्र लिखकर आयोग को जल्द अंतिम रूप देने और आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों की तत्काल नियुक्ति की मांग की है।
आयोग अध्यक्ष नहीं हुए तय
महासचिव एस.सी. माहेश्वरी ने मंत्रालयों को लिखे इस पत्र में कहा है कि जनवरी 2025 में केंद्र सरकार द्वारा 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी देने की घोषणा स्वागत योग्य थी। लेकिन उसके बाद से संदर्भ की शर्तें तय नहीं हुआ है और न ही आयोग के अध्यक्ष या सदस्यों की घोषणा की गई है। इससे देशभर के करोड़ों पेंशनभोगियों के बीच असमंजस और चिंता की स्थिति पैदा हो गई है।
अपने लेटर में 3 मुख्य मांगें रखी हैं
आयोग के संदर्भ की शर्तें को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए।
आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की तत्काल घोषणा की जाए।
पेंशनरों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए।

