देवरी केन्द्र में पले-बड़े 80 कछुओं को चम्बल नदी में छोड़ा

मुरैना. चम्बल सेंचुरी स्थित देवरी घडि़याल केन्द्र में पले बड़े 80 कछुओं को गुरूवार को चम्बल नदी में सुरक्षित छोड़ दिया गया। वन मंडल अधिकारी (डीएफओ) के नेतृत्व में विभाग की टीम ने महुआ घाट पर इन्हें एक-एक कर रिलीज किया गया है। इसके बाद अधिकारियों की टीम ने आसपास के घाटों पर पेट्रोलिंग की और रेत के अवैध उत्खनन को लेकर सघन जांच अभियान चलाया गया है। चम्बल सेंचुरी में घडि़यालों के साथ-साथ कछुओं को भी संरक्षित कर पाला जाता है। थोड़ा बड़ा होने के बाद ही उन्हें वापिस चम्बल नदी में छोड दिया जाता है। ताकि जलीय जीवों की जनसंख्या बढ़ती रहे। इसी कड़ी में गुरूवार को सभी 80 कछुओं को नदी में रिलीज किया गया। जहां उन्हें अपना प्राकृतिक आवास मिल गया।
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पेट्रोलिंग के दौरान बंद मिले सभी घाट
मुरैना डीएफओ हरीश चंद्र बघेल ने बताया, “देवरी सेंटर में पले 80 कछुओं को महुआ घाट पर रिलीज किया गया है। इसके बाद हमने अधिकारियों और अपनी टीम के साथ मिलकर चंबल नदी के आसपास के घाटों पर सघन पेट्रोलिंग की।” उन्होंने बताया कि पेट्रोलिंग का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में अवैध उत्खनन की जानकारी जुटाना था। जांच के दौरान नदी के सभी घाट बंद पाए गए और कोई अवैध गतिविधि नहीं मिली।
कछुओं को रिलीज करने के दौरान मुरैना के वन मंडल अधिकारी हरीश चंद्र बघेल और देवरी घड़ियाल केंद्र के अधीक्षक श्याम सिंह चौहान प्रमुख रूप से उपस्थित थे। इनके अलावा गेम रेंज अंबाह के अधिकारी, भिंड अधीक्षक समेत वन विभाग के कई अन्य आला अधिकारी भी इस मौके पर मौजूद रहे।
घाटों पर भी को पैट्रोलिंग
वन मंडल अधिकारी मुरैना के अनुसार चम्बल नदी में 80 कछुए छोड़े गए है। सभी देवरी सेंटर में पले थे।जिन्हें महुआ घाट पर नदी में रिलीज किया गया। इसके बाद चंबल नदी के आस पास के घाटों पर अधिकारियों और अपनी टीम के साथ मिलकर पैट्रोलिंग की गई।अवैध उत्खनन की जानकारी ली। पेट्रोलिंग के दौरान सभी घाट बंद मिले।

