5 बैंक एकाउंट्स से ठगों ने 4.47 लाख रूपये निकाले, व्यापारी के पास न तो ओटीपी और न ही कॉल आया, मैलवेयर सॉफ्टवेयर या सिम क्लोनिंग से ठगी की संभावना
ग्वालियर. साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका अपनाते हुए एक किराना कारोबारी के 5 अलग-अलग बैंक एकाउंट्स से 4 लाख 47 हजार 200 रूपये पार कर दिये है। हैरानी की बात यह है कि न तो कोई ओटीपी आया और ना ही मोबाइल के यूपीआई ऐप की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री में कोई रिकॉर्ड मिला।
मार्केट में भुगतान करते वक्त हुआ खुलासा
ग्वालियर निवासी 38 वर्षीय किराना व्यापारी 25 अप्रैल 2026 को बाजार में सामान खरीदने पहुंचे थे। भुगतान के लिये फोन-पे उपयोग करने पर लो बैंलेंस का मैसेज आया, इसके बाद अन्य खातों से प्रयास किया गया। लेकिन सभीा खाते खाली मिले है।
बैंक स्टेंटमेंट में सामने आयी ठगी
बैक स्टेटमेंट निकलवाने पर पता चला है कि अलग-अलग खातों में से रकम निकाली गयी है। 30 मार्च को कैनरा बैंक मोहना शाखा से 99 हजार रूपये 31 मार्च को 68 हजार रूपये कैनरा बैंक भोपाल शाखा से 88 हजार रूपये निकाले गये। 24 अप्रैल को बैंक ऑफ इंडिया भोपाल से 47 हजार, एसबीआई से 20 हजार रूपये और कोटक महिन्द्रा बैंक से 3 ट्रॉजेक्शन में कुल 1 लाख 25 हजार रूपये निकाले गयेग। साईबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक ठगों ने सिम क्लोनिंग या मैलवेयर सॉफ्टवेयर का उपयोग किया गया हो सकता है। सिम क्लोनिंग में पीडि़त के नाम पर दूसरा सिम सक्रिय कर ओटीपी और बैंक अलर्ट हासिल किये जाते हैं। मैलवेयर की स्थिति में मोबाइल में मौजूद बैंकिंग मैसेज डिलीट या फॉरवर्ड हो सकते हैं।
1930 पर शिकायत दर्ज
खाते खाली होने का पता चलते ही व्यापारी ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद मोहना थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
मोहना पुलिस के मुताबिक साइबर ठगों के खिलाफ केस दर्ज कर राज्य साइबर सेल की मदद ली जा रही है। जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई है, उनके यूपीआई रेफरेंस नंबर के आधार पर खातों को फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

