5 लाख रूपये के साथ प्रदीप वर्मा रंगे हाथों गिरफ्तार, प्रदीप के घर 24 फाइले, 15 पेन ड्राइव, 4 लैपटॉप, 2.63 नगद मिले
ग्वालियर. 12 बजे के आसपास धर्मेन्द्र भारद्वाज ने नगरनिगम के सिटी प्लानर प्रदीप वर्मा से बातचीत की बताईये मैं आपसे कहा मिलू तो प्रदीप वर्मा बोले कि मैं अभी पड़ाव के नजदीक हूं आप आ जाईये। इसी दौरान ईओडब्ल्यू की 3 टीमें फरियादी का साये की तरह पीछा कर रही थी पूर्व सिटी प्लानर प्रदीप वर्मा गांधी रोड से एसपी बंगला की ओर से बाल भवन की ओर आ रहे थे इसी बीच फरियादी धर्मेन्द्र भारद्वाज की मुलाकात हो गयी, धमैन्द्र भारद्वाज ने कार में बैठकर 5 रूपयों से भरा लिफाफा जैसे प्रदीप वर्मा को सौंपकर पीछा कर ईओडब्ल्यू की टीम को सिग्नल दिया जैसे ही ईओडब्ल्यू की टीम ने प्रदीप वर्मा की कार आगे कार अड़ा दी और रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। एक टीम इस्पेक्टर यशवंत गोयल और दूसरी टीम का सब इंस्पेक्टर भीष्म तिवारी लीड कर रहे थे। इस सारी कार्यवाही का नेतृत्व ईओडब्ल्यू एसपी अमित सिंह कर रहे थे।
सिटीप्लानर पद से हटाया प्रदीप वर्मा को
जैसे ही निगमायुक्त संदीप माकिन को पता चला कि सिटी प्लानर प्रदीप वर्मा को ईओडब्ल्यू की टीम ने 5 लाख रूपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथो गिरफ्तार कर लिया है वैसे ही उन्होंने प्रदीप वर्मा को सिटी प्लानर पद से हटा दिया है।
सिटी प्लानर प्रदीप वर्मा के निवास से मिली 24 फाइलें
सिटी प्लानर प्रदीप वर्मा को ईओडब्ल्यू द्वारा रंगे हाथों गिरफ्तार करने के बाद ईओडब्ल्यू की दूसरी टीम भीष्म तिवारी के साथ विनय नगर सेक्टर 4 प्रदीप वर्मा के निवास पर पहुंची। जहां पर ईओडब्ल्यू की टीम को 2 लाख 63 हजार रूपये नगद, नगरनिगम की 24 फाइलें, 7 लैपटॉप, 15 पेन ड्राइव समेत भारी मात्रा में दस्तावेज मिले हैं। एक मकान की रजिस्ट्रªी सिटी प्लानर के मां के नाम से मिली है। रात 9 बजे तक ईओडब्ल्यू की टीम सर्चिंग करती रही है।
10 लाख रूपये पहले ले चुके थे
ऐसा मालूम पड़ा है कि सिटीप्लानर 10 लाख रूपये फरियादी धर्मेन्द्र भारद्वाज से ले चुका है। उसकी किसी बिल्डिंग के नाम पर ले चुका है। उसकी भी जांच ईओडब्ल्यू की टीम कर रही हैं।
लोकायुक्त में पहले भी हो चुकी शिकायतें
सिटी प्लानर ऐसे ही बदनाम नहीं है इससे पहले भी उनकी कई शिकायतें हो चुकी है। लोकायुक्त पुलिस भी उनके पीछे लगी थी लेकिन इस बार ईओडब्ल्यू ने गिरफ्तार कर लिया है।

