300 करोड़ रूपये खर्च करने के बाद भी ग्वालियर पर्याप्त पानी नहीं मिल पायेगा
ग्वालियर. हर वर्ष गर्मियों में चम्बल से पानी लाने का ग्वालियरवासियों कें सपने दिखाये जाते हैं। पिछले 4 वर्ष से लंबित चम्बल नदी से पानी लाने के प्रोजेक्ट पर हर वर्ष काम शुरू करते हैं। लेकिन भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 300 करोड़ से अधिक के इस प्रोजेक्टका पूरा लाल भ्वालियर शहर को नहीं मिल पायेगा। वजह, वाइल्ड लाइफ की एनओसी न मिलने से अब ग्वालियर के लिये चम्बल का पानी चम्बल नदी से नहीं बल्कि मुरैना के देवरी से आयेगा। मुरैना को 140 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) पानी की स्वीकृति मिल चुकी है। जबकि वहां फिलहाल 50 एमएलडी पानी की आवश्यकता है, बाकी 90 एमएलडी पानी ग्वालियर लेगा। लेकिन भविष्य में मुरैना की डिमांड बढ़ने पर ग्वालियर का कोटा कम होने की संभावना रहेगी। शहर की पानी आपूर्ति के लिये चम्बल से पानी लाने की योजना सबसे पहले बनी थी। जनप्रतिनिधियों ने इसे संज्ञान में लिया और इसके लिये डीपीआर तैयार कराकर एनसीआर से लोन स्वीकृत कराया था।
कैसा होगा प्रोजेक्ट
चम्बल नदी में इंटकबैल मुरैना बनायेगा। वहां से 140 एमएलडी पानी देवरी तक लाया जायेगा। देवरी के सेंटर से 90 एमएलडी पानी ग्वालियर तक पानी लाने के लिये पाइप लाईन का उपयोग किया जायेगा। इस लाइन में छौंदा के पास एक ज्वाइंट होगा। जिसमें 60 एमएलडी पानी कुतवार बांध से लिया जायेगा। इस तरह ग्वालियर को प्रतिदिन 150एमएलडी पानी मिलता रहेगा।
चम्बल से ही मिलेगा पूरा पानी
शहर की पेयजल आपूर्ति चम्बल नदी से ही हो पायेगी। वाइल्ड लाइफ की समिति हमं इस तर्क के साथ एनओसी नहीं दे रही है कि गर्मियों में चम्बल का जलस्तर कम होने पर घडि़यालों के लिये पानी नहीं बचेगा। ऐसे में उन्हें यह समझाना चाहिये कि हम वर्षा के महीनों में चम्बल से पानी लेकर तिघरा बांध को भर लेंगे औरे गर्मियों में पानी की पंम्पिग नहीं करेंगे ताकि घडि़यालों को काई खतरा नहीं होगा।
पानी लाने में होगी परेशानी
140 एमएलडी पानी की योजना मुरैना के लिये मंजूर हुई है। मुरैना वर्तमान में 50 एमएलडी पानी लेगा। चूंकि योजना दोनों शहरों की आवश्यकताओं के आधार पर बनाई जा रही है। ऐसे में मुरैना में पानी की डिमांड को देखते हुए ग्वालियर के कोटे का पानी कम होगा। दूसरा पिछले एक दशक से मानसून की बेरूखी दिखाई दे रही है। ऐसे में जब तिघरा नहीं भरा तो क्या कुतवार बांध इसे भर पायेगा।
देवरी से पाइप लाइन बिछाई जाएगी
चंबल से पानी लेने के लिए फॉरेस्ट की एनओसी मिलने में दिक्कत आ रही थी। इसलिए योजना में बदलाव करते हुए अब मुरैना के लिए स्वीकृत 140 एमएलडी पानी में से 90 एमएलडी पानी ग्वालियर के लिए लेंगे। इसके लिए देवरी से पाइप लाइन बिछाई जाएगी।
नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय कृषि मंत्री

