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चम्बलमें अधिकारियों के लिये सुप्रीम कोर्ट से बढ़कर है माफिया, अवैध खनन में लगे वाहनों को जब्त करने के बजाय जुर्माना लेकर छोड़

ग्वालियर. चम्बल में रेत माफिया के हाथों वन माफिया की मौत के बाद बेशक सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर सख्ती अपनानी शुरू कर दी हो। लेकिन मैदान स्तर पर तैनात अमला अब भी मातिफया का साथ कंधे से कंधा मिलाकर दे रहा है। मप्र परिवहन विभाग के सचिव मनीष सिंह के पत्र से खुलासा हुआ है कि मुरैना, श्योपुर और भिंड में 20-26 मई के बीच अवैध खनन परिवहन में गये कई वाहनों को जब्त करने के बजाय जुर्माना लेकर छोड़ दिया गया है। सचिव ने संबंधित अधिकारियों से पूछा है कि जिन वाहनों पर राजसात की कार्यवाही करना थी, उन्हें क्यों छोड़ा गया।
सचिव ने अपने पत्र में सुप्रीम कोर्ट में लंबित रिट याचिका (सी) 2/2026 का हवाला देते हुए कहा है कि मामला न्यायिक निगरानी में है इसलिये लापरवाही मानी जायेगाी। उप सचिव किरण शर्मा को मुरैना संभागीय मुख्यालय भेजा गया है।
जिन अधिकारियों ने जुर्माना लेकर छोड़ा उन पर करें कार्यवाही
भिण्ड, श्योपुर और मुरैना में जिन अधिकारियों ने कार्यवाही के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को सिर्फ जुर्माना वसूलकर छोड़ा है। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाये और साथ ही जांच कराई जाये कि खनन कार्य में लगे कौन से ऐसे वाहन है, जिनमें नम्बर प्लेट नहीं है। ऐसे वाहनों को मोटरयान अधिनियम की धारा 207 के तहत जब्त किया जाये।
कौनसी कार्रवाई पर शंका
1 श्योपुर…: बीते 6 दिनों में 11 वाहन बिना नंबर प्लेट के चलते पाए गए। उनमें से परिवहन विभाग के अमले ने सिर्फ एक जेसीबी को जब्त किया है। शेष 10 वाहनों को जुर्माना लेकर छोड़ दिया।
2 मुरैना…: यहां भी पिछले 6 दिनों में बिना नंबर प्लेट के 12 टैक्टरों को केंद्रीय मोटरयान अधिनियम एवं नियम के प्रावधान 51/17 के तहत जुर्माना लगाकर छोड़ दिया गया। 54 वाहनों को उक्त अधिनियम की धारा 192 के तहत जुर्माना लगाकर छोड़ा गया। सिर्फ दो टैक्टरों को जब्त करना बताया गया है।
3 भिंड…: पिछले 6 दिनों में बिना नंबर प्लेट के 28 वाहन, जिनमें से अधिकांश ट्रकों को अधिकांश पर 500 रुपए जुर्माना लेकर छोड़ दिया गया। खनन कार्य में लगे अवैध वाहनों को राजसात करें
मध्यप्रदेश परिवहन विभाग के सचिव मनीष सिंह ने पत्र में स्पष्ट किया है कि खनन गतिविधियों में लगे सभी प्रकार के वाहन जो बिना नंबर प्लेट, फर्जी नंबर डालकर चलने वाले या मोटरयान अधिनियम 1988 व केंद्रीय मोटरयान अधिनियम 1989 का उल्लंघन करते हैं। ऐसे सभी वाहनों को तत्काल सड़क पर रोककर उनकी जब्ती कर राजसात करने की कार्रवाई की जाए।

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