प्रदर्शनकारी छात्रों ने लांघे 3 बैरिकेड, 3 शेष, विधानसभा की तरफ बढ़े छात्र, एम्बूलेंस में सवार हैं देवेन्द्र महतो

नई दिल्ली. रांची में रविवार को राज्य मंत्रियों की विशेष कमेटी और प्रदर्शन कर रहे छात्र प्रतिनिधियों के बीच 3 दौर में लगभग 5 घंटे तक चली मैराथन वार्ता पूरी तरह से बेनतीजा रहीं। ऐसे में प्रदर्शनकारियों ने सोमवार 10 अगस्त को पहले से घोषित विधानसभा का घेराव करने आगे बढ़ने का फैसला लिया है।

विधानसभा मार्च के लिये आन्दोलनकारी छात्र संगठनों ने प्रदर्शनकारियों से किसी भी बहकावे में नहीं आने की अपील की है। छात्रों को सुबह 10 से पहले पुरानी विधानसभा के पास एकत्र होने के लिये कहा गया था। जहां से उनका एकत्र होकर नयी विधानसभा की तरफ शांतिपूर्ण पैदलमार्च शुरू हो गया है। विधानसभा घेराव को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़ी व्यवस्था कीहै। नया विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में (झारखंड उच्च न्यायालय को छोड़़कर) बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी गयी है।
छात्रों की 98% मांगें मानी गईं-सरकार
बता दें कि रविवार को छात्रों के साथ हुई वार्ता में सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव और चमरा लिंडा शामिल थे। सरकार का दावा है कि छात्रों की लगभग 98 प्रतिशत मांगें मान ली गई है। इसमें 14वीं JPSC पीटी परीक्षा और ACF परीक्षा को रद्द करना, TDPL एजेंसी की परीक्षाओं की जांच कराना और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए विशेषज्ञों की समिति बनाना शामिल है।

