ऑपरेशन सिंदूर के हीरो जितेन्द्र मिश्रा को राममंदिर ट्रस्ट में पहले सीईओ बनाये गये

नई दिल्ली. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेन्द्र मिश्र बनाये गये है। वह राम मंदिर के प्रशासनिक, वित्तीय और कानूनी प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगे। यह फैसला चढ़ावे की चोरी के विवाद के बाद ट्रसट को पेशेवर और पारदर्शी बनाने की दिशा अहम कदम माना जा रहा है। ट्रस्ट को सीईओ पद के लिये 5500 से ज्यादा आवेदन पत्र मिले थे। 3 सदस्यीय सर्च कमेटी ने जांच के बाद 3 नामों का पैनल सौंपा था।जिसमें से जितेन्द्र मिश्र का चयन हुआ है।
जितेन्द्र मिश्र एयर मार्शल का शानदार केरियर
एयर मार्शल जितेन्द्र मिश्र का भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी है। उन्होंने 1 जनवरी से 30 अप्रैल 2026 तक वायुसेना के सबसे अहम वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग -इन-चीफ (एओसी-इन-सी) के रूप में कार्य किया है। यूपी के देवरिया जिले के भाटपार रानी थाना इलाका के भोपतपुरा गांव के रहने वाले है।
कमीशन: 6 दिसंबर 1986 को फाइटर पायलट के रूप में.
उड़ान अनुभव: 3000 घंटे से अधिक. वे फाइटर कॉम्बैट लीडर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट रहे है।
शिक्षा: नेशनल डिफेंस अकादमी (पुणे), एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल (बैंगलोर), एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज (अमेरिका) और रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज (ब्रिटेन) के पूर्व छात्र.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आदमपुर बेस आए थे, तब एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र उनके साथ थे.
महत्वपूर्ण पद
डिप्टी चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (ऑपरेशंस)
एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टैब्लिशमेंट (एएसटीई) के कमांडेंट
दो फ्रंटलाइन एयर बेस के एयर ऑफिसर कमांडिंग
फाइटर स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर
चीफ टेस्ट पायलट
उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल (SYSM), अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से सम्मानित किया गया है। हाल ही में उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर (मई 2025) के दौरान वेस्टर्न एयर कमांड प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में विस्तार से बात की थी । उन्होंने एस-400 सिस्टम से पाकिस्तानी एडब्ल्यूएसीएस को 314 किलोमीटर की दूरी पर मार गिराने की मंजूरी देने का जिक्र किया था ।

