यूपीवी, ड्रोन, एंटी-शिप मिसाइल के इंजन देश में बनेंगे
130 इंजीनियरों ने 24 महीने में कर दिखाया, टर्बोजेट इंजन देश में भी बन सकता है
हैदराबाद- यूपीवी, ड्रोन और एंटी-शिप मिसाइल में लगने वाले छोटे टर्बोजेट इंजन अब देश में ही बन सकेंगे। हैदराबाद की आजाद इंजीनियरिंग ने इसे स्वदेशी रूप से तैयार किया है। रक्षा मंत्रालय और DRDO ने कंपनी को इसका जिम्मा सौंपा था। कंपनी के चेयरमैन और CEO राकेश चौपदार के नेतृत्व में 130 वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और तकनीशियनों ने 24 महीने में इंजन तैयार किया।
DRDO की गैस टर्बाइन रिसर्च एस्टेब्लिशमेंट ने इंजन का डिजाइन दिया। इसके आधार पर आजाद इंजीनियरिंग ने जटिल पुर्जे बनाने से लेकर पूरे इंजन की असेंबली तक का काम किया। भारत अब तक इन इंजनों के लिए विदेशों पर निर्भर था।
10वीं में फेल, पिता की फैक्ट्री में मशीनें चलाकर आगे बढ़े
राकेश चौपदार 10वीं में फेल हुए तो परिवार ने उन्हें ‘किसी काम का नहीं’ तक कहा। उन्होंने मशीनों के बीच भविष्य तलाशा और पिता की फैक्ट्री में काम करते हुए इंजीनियरिंग की बारीकियां सीखीं। 12 साल वहां काम करने के बाद 2008 में महज 200 वर्गमीटर जगह और सेकंड हैंड CNC मशीन से अपना कारोबार शुरू किया। पहला ऑर्डर यूरोप की एक कंपनी के लिए ताप विद्युत संयंत्रों के टर्बाइन में लगाने वाले एयरफॉइल बनाने का था, जिसके कुछ हजार डॉलर मिले।

