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पति ने किया पत्नी का कन्यादान, ठगी करने के लिये पड़ोसी युवक से कराई शादी

आरोपी दुल्हन की यह फोटो अपने असली पति के साथ।

ग्वालियर. झांसी रोड थाना इलाके के नाका चंद्रवदनी क्षेत्र में शादी के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। एक निजी अस्पताल में काम करने वाले युवक को गरीब लड़की बताकर जिस युवती से शादी कराई गयी। वह पहले शादी शुदा निकली। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिस व्यक्ति ने भाई बनकर कन्यादान कराया है। वही उसका असली पति निकला। पीडि़त की शिकायत पर शनिवार को पुलिस ने लुटेरी दुल्हन सहित 7 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षडयंत्र का मामला दर्ज किया है।
जबलपुर के अस्पताल में टीम लीडर है पीडि़त
नाका चंद्रवदनी निवासी 35 वर्षीय रतनशर्मा जबलपुर के एक निजी अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में टीम लीडर है। परिवार में 5 भाई है। किसी की भी शादी नहीं हुई थी। परिवार अच्छे रिश्ते की तलाश में था। इसी मजबूरी का लाभ सोनू तिवारी ने उठाया। सोनू तिवारी ने रतन के भाई गोंविद को बताया कि मुरैना निवासी उसका दोस्त सोनू उर्फ अजय चौहान अपनी गरीब मुंह बोली बहन राधा उर्फ दीक्षा मुदगल के लिये रिश्ता तलाश रहा है। भरोसा कर रतन की मां और भाई लड़की देने पहुंचे। फोटो पसंद आने के बाद रिश्ता तय हो गया।
27 अप्रैल को गोद भराई, 7 मई को शादी
रतन जबलपुर से ग्वालियर आया। 27 अप्रैल 2026 को आरोपी सोनू चौहान खुद को लड़की का भाई बताकर गोद भराई की रस्म भी करवाने पहुंचा। इसके बाद 7 मई को पाटनकर चौराहा स्थित सुखसागर होटल में हिंदू रीति-रिवाज से शादी कराई गई। शादी में करीब 7 लाख रुपए खर्च हुए।शादी में सोनू चौहान की मां माया देवी ने लड़की की मां बनकर कन्यादान किया। उसकी बहन शिल्पी, जीजा राघवेंद्र और भाई सत्येंद्र भी लड़की पक्ष बनकर शामिल हुए। शादी के बाद दुल्हन को विदा कर नाका चंद्रवदनी स्थित घर लाया गया।
शादी के बाद दुल्हन लगातार मोबाइल पर किसी से चैट करती रहती थी। शक होने पर एक रात रतन ने उसका मोबाइल चेक किया। व्हाट्सऐप चैट देखकर उनके होश उड़ गए। पता चला कि भाई बनकर शादी कराने वाला सोनू उर्फ अजय चौहान ही दीक्षा का असली पति है। दोनों ने 2024 में आगरा के आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह किया था और पति-पत्नी की तरह रह रहे थे।

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