मिडिल ईस्ट अब फिर से युद्ध की आग में झुलसेगा, ईरान पर हमला कर सकते हैं ट्रम्प
नई दिल्ली मिडिल ईस्ट में शांति की जो थोड़ी-बहुत उम्मीद दिख रही थी। अब उस पर फिर से खतरे के बाद मंडराने लगे है। अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर लागू होने के बाद लोगों का लगा था। शायद अब हालात संभल जायेंगे। लेकिन अब ऐसी खबरें सामने आ रही है। जिसने एक बार फिर दुनिया में तनाव बढ़ा दी है। अमेरिकी मीडिया का दावा है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फेल हुई। आने वाले दिनों में हालात फिर विस्फोटक हो सकते है। यानी जिस जंग पर फिलहाल ब्रेक लगा दिखाई दे रहा है। वह फिर से भड़क सकती है। दरअसल, दोनों देशों के बीच पेंच ईरान की उन 5 शर्तो पर आकर फंसा है। जिसे मानने में अमेरिका कतरा रहा है।
ईरान की इन 5 शर्तों की वजह से नहीं बन रही बात
ईरान की पहली मांग है कि लेबनान समेत तमाम मोर्चों पर जारी सैन्य संघर्ष और लड़ाई को तुरंत पूरी तरह से रोका जाए।
ईरान चाहता है कि बातचीत आगे बढ़ाने से पहले अमेरिका उस पर लगाए गए सभी आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाए।
ईरान ने मांग रखी है कि विदेशों में रोकी गई उसकी सारी संपत्ति और जमे हुए फंड को बिना किसी देरी के तुरंत जारी किया जाए।
ईरान का कहना है कि इस पूरी जंग में उसे जो भी भारी माली और सैन्य नुकसान हुआ है, अमेरिका को उसकी पूरी भरपाई करनी होगी।
तेल सप्लाई के लिए दुनिया के सबसे अहम रास्ते यानी ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ पर ईरान अपनी संप्रभुता चाहता है और अमेरिका को इसे मान्यता देनी होगी।

