गिरफ्तार व्यक्ति के परिजनों को ठोस वजह बताकर लिखित में देनी होगी सूचना, ऐसा नहीं करने पर गिरफ्तारी अवैध होगी-डीजीपी
भोपाल. राज्यभर में अब पुलिस द्वारा किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करते वक्त गिरफ्तारी की ठोस वजह लिखित रूप में बताने होंगे। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम को गिरफ्तार किये जाने वाले व्यक्ति को यह जानकारी देना आवश्यक कर दिया गया और इतना ही नहीं गिरफ्तार होने वाले व्यक्ति को गिरफ्तारी की केवल मौखिक जानकारी को पर्याप्त नहीं माना जायेगा। यह भी सुनिश्चित किया जायेगका। गिरफ्तारी के आधार पर स्थानीय भाषा या ऐसी भाषा में लिखे जायेंगे। जिसे गिरफ्तार व्यक्ति भली-भांति समझा सके।
अपराध अनुसंधान विभाग पुलिस मुख्यालय ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन में देश के सभी पुलिस आयुक्त, पुलिस अधीक्षकों एवं संबंधित इकाईयों को इस संबंध में सर्कुलर जारी किया गया है। वह इन दिशा-निर्देशों का पालन अपने अधीनस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों से सख्ती से पालन सुनिश्चित कराये। ताकि विधि सम्मत कार्यवाही के साथ-साथ नागरिकों से मौलिक अधिकारों की भी पूर्ण रूप से रक्षा की जा सके।
जानकारी नहीं दी तो गिरफ्तारी अवैध घोषित होगी
पीएचक्यू के सर्कुलर में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि इन निर्देशों का पालन नहीं किया जाता है, तो गिरफ्तारी को अवैध घोषित किया जा सकता है और संबंधित अधिकारी के विरुद्ध न्यायालय की अवमानना या विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है और अभियुक्त को तत्काल रिहाई का अधिकार प्राप्त हो सकता है।
पुलिस मुख्यालय द्वारा निर्देशों में यह भी कहा गया है कि यह लिखित जानकारी गिरफ्तारी के समय या आरोपी को मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत करने से कम से कम दो घंटे पूर्व उपलब्ध कराई जानी है। साथ ही, आरोपी को लिखित तौर पर जानकारी देने के दौरान गिरफ्तारी पंचनामा या संबंधित अभिलेख में विधिवत दर्ज किया जाना भी अनिवार्य होगा। इस संबंध में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 47 के प्रावधानों का भी उल्लेख किया गया है।

