गड्ढा युक्त सड़कों पर हाईकोर्ट सख्त, 100 रूपये आये और 10 खर्च हुए तो नाप दिये जाओगे-हाईकोर्ट

ग्वालियर. बदहाल और गड्ढों में तब्दील सड़कों को लेकर हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने सख्त रूख अपनाया है। मंगलवार को सड़कों की खराब हालत से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए युगल पीठ ने सरकारी सिस्टम, अधिकारियों और ठेकेदारों को जमकर फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सड़कों की गुणवत्ता जांच रिपोर्ट में किसी भी तरह की कमियां मिली तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सिविल के साथ क्रिमिनल केस भी दर्ज किया जा सकता है।
सुनवाई के बीच हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि 100 रूपये आये और 10 खर्च हुए तो कार्यवाही पक्की समझो। हाईकोर्ट ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए यह भी कहा है कि मध्यप्रदेश में डबल इंजन की सरकार है तो फिर भी शहर की सड़कों की हालत ऐसी क्यों है।
गड्ढे पर का भी उठा था मुद्दा
सुनवाई के बीच शहर की सड़कों की मौजूदा हालत पर बहस हुई है। पिछले दिनों झांसी रोड पर सड़क में सुरंग जैसे गहरे गड्ढे की स्थिति सामने आयी थी। लगातार खराब हो रही सड़कों और जगह-जगह गड्ढों को लेकर हाईकोर्ट ने जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किये थे।
30 मिनट पहले पता चलेगा किस सड़क का सैंपल लेना है
हाईकोर्ट ने सड़कों की गुणवत्ता जांच में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सैंपलिंग का तरीका भी तय किया है। इसके तहत अधिकारियों और ठेकेदारों को पहले से यह जानकारी नहीं होगी कि किस सड़क का सैंपल लिया जाना है।
30 अगस्त, 3 सितंबर और 6 सितंबर को अलग-अलग सड़कों से सैंपल लिए जाएंगे।
किस सड़क का सैंपल लिया जाएगा, इसकी जानकारी सैंपलिंग से सिर्फ 30 मिनट पहले दी जाएगी।
सैंपलिंग के दौरान वकीलों के विशेष जांच कमीशन और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम मौजूद रहेगी।
लिए गए सैंपल को निष्पक्ष लैब जांच के लिए मौके पर ही सील किया जाएगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य सैंपलिंग से पहले सड़क की स्थिति में किसी तरह की लीपापोती या सुधार की संभावना को खत्म करना है।

