सिंधिया राजघराने की अरबों संपत्ति की सुनवाई 10 सितम्बर को, पहली बार सुनवाई में स्वयं पेश हुई प्रतिमा देवी राणा किया मां के हिस्से का दावा

ग्वालियर. देश के चर्चित सिंधिया राजघराने की अरबों की संपत्ति के बंटवारे को लेकर आपसी सहमति बनने के बाद तैयार समझौता प्रस्ताव (राजीनामा) एक बार फिर से कानूनी दावपेंच में फंस गया है। ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ दिवंगत पद्माराजे की बेटी प्रतिमा देवी राणा ने आपत्ति जताते हुए कहा था कि संपत्ति में उनकी मां का भी हिस्सा है। इसके बाद समझौता प्रस्ताव पर सुनवाई आगे बढ़ने से पहले ही अड़चन आ गयी।
प्रकरण की सुनवाई 17 अगस्त को हुई पिछली सुनवाई के बीच ज्योतिरादित्य, वसुंधरा राजे और यशोधरा राजे सिंधिया की तरफ से कोर्ट में आवेदन पेश किया गया था। उन्होंने वसुंधरा और यशोधरा राजे की तरफ से दिये गये जवाब की प्रमाणित प्रति मागी है। इन आवेदनों पर अगली सुनवाईमेंबहस होगी। न्यायालय ने अगली तारीख 10 सितम्बर तय की गयी है।
17 अगस्त को हुई थी सुनवाई
जिला न्यायालय में 17 अगस्त को हुई सुनवाई में ज्योतिरादित्य और उनकी बुआ राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे तथा यशोधरा राजे सिंधिया की तरफ से आवेदन पेशन किया गया था। वसुंधरा और यशोधरा ने प्रतिमा देवी की आपत्ति पर जवाब देते हुए कहा था कि जब उन्होंने पहले समझौते पर सहमति जताई थी तो अब आपत्ति का औचित्य क्या है। उन्होंने प्रतिमा देवी के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने की मांग भी की थी।
पहले हुई थीं एकपक्षीय घोषित
वसुंधरा राजे, उषा राजे और यशोधरा राजे ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से पैतृक संपत्ति में हिस्सा पाने के लिए सिविल सूट दायर किया था। लंबे कानूनी विवाद के बाद सभी पक्षों ने आपसी सहमति से समझौता तैयार कर कोर्ट में पेश किया था। मूल दावे में दिवंगत बड़ी बुआ पद्मावती राजे की दोनों बेटियों कनिका देवी सिंह और प्रतिमा देवी राना को पक्षकार बनाया गया था। हालांकि, सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं होने पर अदालत ने उन्हें एकपक्षीय (एक्स पार्टी) घोषित कर दिया था। समझौता आगे बढ़ने पर प्रतिमा देवी ने कोर्ट में आवेदन देकर दोबारा मामले में शामिल होने और संपत्ति में अपना हिस्सा देने की मांग की है। पद्मावती राजे के संपत्ति में हिस्सेदार होने के कारण उनकी बेटियों को समझौते से बाहर रखने पर कानूनी पेचीदगी खड़ी हो गई है।

