10 दिन के निरीक्षण में 49 सफाईकर्मी गैरहाजिर, 8 सस्पेंड
ग्वालियर. स्वच्छता सर्वेक्षण-2023 के लिए इस महीने टीम आने वाली है, लेकिन सफाईकर्मियों का ढर्रा नहीं सुधर रहा है। जहां भी अधिकारी निरीक्षण करने पहुंचते हैं, कई कर्मचारी गैरहाजिर मिलते हैं। निगम अधिकारियों ने 10 दिन में कई स्थानों पर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया, इस दौरान 49 सफाईकर्मी अनुपस्थित मिले। इनमें 8 कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया और 50 से अधिक सफाईकर्मियों को फटकार लगाई गई। अनुपस्थित मिले सभी सफाईकर्मियों का उपायुक्त सतपाल ङ्क्षसह चौहान, अतिबल ङ्क्षसह यादव सहित अन्य ने एक दिन का वेतन काटने की कार्रवाई की। स्वच्छता महत्वूपर्ण मामला है, इसलिए सख्ती किए जाने की जरूरत है। एक दिन गैरहाजिर होने पर एक सप्ताह और बार-बार अनुपस्थित होने पर निलंबन की कार्रवाई करनी चाहिए। स्वच्छता सर्वेक्षण-2023 के लिए निगमायुक्त द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। लेकिन अपर आयुक्त स्वास्थ्य, उपायुक्त, स्वास्थ्य अधिकारी, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी, वार्ड मॉनिटर, एसआइ व डब्ल्यूएचओ द्वारा सख्त मॉनिटङ्क्षरग नहीं किए जाने से सफाई कर्मचारी प्रतिदिन ड्यूटी पर नहीं पहुंच रहे हैं।
अधिकारियों का संरक्षण, इसलिए मनमानी
जानकारों ने बताया कि अधिकतर वार्डों में स्वास्थ्य अधिकारी, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी, डब्ल्यूएचओ, एसआइ के नाते, रिश्तेदार लगे हुए हैं। इन्हें अधिकारियों, पार्षद व जनप्रतिनिधियों का संरक्षण प्राप्त है, इसलिए यह ड्यूटी से गायब रहते हैं। पूर्व निगमायुक्त अनय द्विवेदी ने अपने कार्यकाल में ऐसे सभी लोगों पर सख्त कार्रवाई करते हुए इन्हे हटा दिया था और कई को इधर-उधर भेज दिया था। इसके बाद सफाई कर्मचारियों का काम करने का तरीका बदल गया था और सभी कर्मचारी समय पर ड्यूटी पर आने लगे थे। लेकिन अब सख्ती नहीं किए जाने से सफाई कर्मचारी मनमर्जी कर रहे हैं।

