ग्वालियर-दतिया बिजली लाइन के 10 टावरों पर अवैध खनन की वजह से गिरने खतरा
ग्वालियर. ग्वालियर-दतिया 220 केवी अति उच्चदाब विद्युत लाइन के लगभग 10 ट्रांसमिशन टावर अवैध खनन और मिट्टी-मुरम उत्खनन के कारण खतरनाक स्थिति में पहुंच गए है। टावरों की नींव के आसपास बडे पैमाने पर खुदाई किए जाने से उनकी स्थिरता प्रभावित हुई है जिससे वर्षा और तेज हवाओं के दौरान टावर गिरने का खतरा बढ गया है। प्रदेशभर में ट्रांसमिशन टावरों के आसपास अवैध उत्खनन को लेकर मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी पहले भी चिंता जता चुका है। ग्वालियर-दतिया लाइन प्रदेश के महत्वपूर्ण बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क का हिस्सा है। यदि किसी टावर को नुकसान पहुंचता है तो ग्वालियर, दतिया और आसपास के क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रांसमिशन टावर पूरी तरह जमीन की मजबूती पर निर्भर होते है। नींव के आसपास लगातार खनन होने से मिट्टी का क्षरण बढता है और टावर झुकने या गिरने की आशंका पैदा हो जाती है।
स्थानीय प्रशासन को सूचना देकर कार्रवाई की मांग की
एमपी ट्रांसको के अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन को सूचना देकर कार्रवाई की मांग की है। बावजूद इसके कुछ क्षेत्रों में अवैघ उत्खनन जारी रहने की शिकायतें सामने आ रही है। मानसून के दौरान जमीन नरम होने और तेज हवाओं की स्थिति में खतरा और बढ सकता है। प्रदेश में करीब 89300 ईएचवी ट्रांसमिशन टावर है। प्रदेश के कई जिलों में अवैध खनन से टावरों की नींव कमजोर हुई है। अगर इनमें से पांच प्रतिशत टावर भी समस्या से प्रभावित होते है तो प्रदेश की विद्युत ट्रांसमिशन व्यवस्था पर भी असर पड सकता है।

