10वीं और 12वीं के छात्रों को (रूक जाना नहीं) योजना से 1 लाख बच्चों को दोबारा परीक्षा देने मौका मिलेगा- शिवराज सिंह
भोपाल. मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने छात्रों का भविष्य उज्जवल बनाने के लिए नई पहल की है। कोरोना में पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद होने के कारण परीक्षा नहीं दे पाने वाले छात्रों को सरकार एक और मौका देगी। सरकार ने (रूक जाना नहीं) योजना के 10वीं और 12वीं की परीक्षा से वंचित होने वाले छात्रों के लिए घोषणा की है। 17 से 31 अगस्त के बीच फिर से दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं ली जाएंगी।
15 दिन बाद फिर से परीक्षा देने का अवसर दिया
स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि रूक जाना नहीं योजना में परीक्षा केन्द्र जिला मुख्यालय में ही बनाए जाते रहे है। कोरोना के चलते आवा-गमन बंद है ऐसे में जो बच्चे परीक्षा देने से वंचित होंगे उन्हें 15 दिन बाद फिर से परीक्षा देने का अवसर दिया जाएगा।
राज्य सरकार ने 2016 में रूक जाना नहीं योजना शुरू की थी
जानकारी के अनुसार 10वीं और 12वीं की परीक्षा में असफल रहने वाले विद्यार्थियों को फिर से अवसर देने के लिए राज्य सरकार ने 2016 में रूक जाना नहीं योजना शुरू की थी। इसमें परीक्षा पास करने का एक और अवसर दिया जाता है। इस बार परीक्षा में तकरीबन 1 लाख से अधिक बच्चे परीक्षा में बैठने वाले है जिसमें 50 हजार से ज्यादा बच्चे ग्रामीण क्षेत्रों के है। जिला मुख्यालय में परीक्षा केन्द्र बनने से इनमें से अधिकांश बच्चों को 30 से 80 किमी तक का सफर करना होगा।

