वेस्टर्न बायपास लाएगा साडा में समृद्धि, 8 गांवों से होकर गुजरेगा
ग्वालियर। बरई से निरावली तक बन रहा वेस्टर्न बायपास साडा क्षेत्र में समृद्धि लाएगा। यह वेस्टर्न बायपास साडा क्षेत्र के 8 गांवों से होकर गुजरेगा। इसके आसपास साडा के लगभग 5500 भूखंड और 1000 ईडब्ल्यूएस फ्लैट बने हुए हैं, जिनमें से करीब 80 प्रतिशत बिक चुके हैं, लेकिन अभी तक यहां बसाहट शुरू नहीं हो सकी है। बायपास बनने के बाद क्षेत्र में बसाहट बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही ग्रामीणों की जमीनों के दाम बढ़ेंगे तथा वेयरहाउस, होटल, रेस्टोरेंट और ढाबे जैसे व्यवसाय विकसित होंगे।
कोल्ड स्टोरेज बनने से भी क्षेत्र को लाभ मिलेगा। बरई से निरावली तिराहे तक 28.516 किलोमीटर लंबा वेस्टर्न बायपास बनाया जा रहा है। इस मार्ग पर तीन टोल प्लाजा बनाए जाएंगे, जो निरावली से 3.950, 10.40 और 16 किलोमीटर की दूरी पर होंगे। इसके अलावा 5.705 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड भी बनाई जाएगी। इसके आसपास होटल, ऑटोमोबाइल रिपेयरिंग शॉप, पेट्रोल पंप और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुलने की संभावना है। किसानों को भी अपनी उपज सीधे आगरा और दिल्ली की मंडियों तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी। वर्तमान में किसानों की अधिकांश फसल ग्वालियर मंडी में आती है।
इन गांवों से होकर गुजरेगा वेस्टर्न बायपास
वेस्टर्न बायपास निरावली, गढ़ुपुरा, जिगसौली, कुलैथ, सौजना, तिघरा, देवखेड़ा, बरई और रायपुर कला क्षेत्र से होकर गुजरेगा। साडा इन इलाकों के आसपास अपने प्रोजेक्ट नए सिरे से शुरू करने की योजना बना रहा है। साथ ही पुराने प्रोजेक्टों के तहत बिक चुके भूखंडों पर बसाहट विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।
यह है पूरे प्रोजेक्ट की खासियत
बाढ़ से बचाव के लिए गांवों के पास लगभग 7 किलोमीटर लंबा ड्रेन (नाला) बनाया जाएगा।
71 पुलियाओं का निर्माण होगा, ताकि वर्षा का पानी आसानी से निकल सके।
लोगों की सुविधा के लिए 11 अंडरपास और 5 व्हीकल अंडरपास बनाए जाएंगे।
7 ब्रिज तथा रेलवे क्रॉसिंग पर 1 रेलवे ओवरब्रिज (ROB) बनाया जाएगा।
250 मीटर लंबा एलिवेटेड रोड तैयार किया जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण के लिए 13 एनिमल अंडरपास बनाए जाएंगे, जिनकी कुल लंबाई 1200 मीटर होगी।
आपने कहा
नवल सिंह राजपूत, प्रभारी कार्यपालन यंत्री, साडा
“वेस्टर्न बायपास के आसपास साडा के कई भूखंड हैं, जो बिक चुके हैं। अब बायपास को ध्यान में रखते हुए नए प्रोजेक्ट तैयार किए जाएंगे।”

