शिवराज सरकार को चयनित शिक्षक संघ, अतिथि विद्वान समेत कई अन्य युवाओं का रोष झेलना पड़ सकता है
ग्वालियर. मध्य प्रदेश में उपचुनाव से पहले शिवराज सरकार को चयनित शिक्षक संघ, अतिथि विद्वान समेत कई अन्य युवाओं का रोष झेलना पड़ सकता है क्योंकि आचार संहिता लगने के बाद भी नियमित शिक्षक संघ ने प्रदेश सरकार से एक निश्चित टाइम बाउंड में नियुक्तियां की जाने की मांग की है।
नियमित शिक्षक संघ के प्रदेश प्रवक्ता जितेंद्र शर्मा का कहना है कि हम लोग 2018 में पात्रता परीक्षा पास कर चुके है लेकिन इस बीच सरकार भी बदल गई लेकिन हम लोगों की नियुक्तियां नहीं हो पाई जब हम लोग आंदोलन कर रहे थे तो प्रदेश सरकार के कुछ मंत्री भी हमारे धरने पर पहुंचे थे और उचित आश्वासन दिया था लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। हम सरकार से चाहते है कि अभी आचार संहिता लगी हुई है लेकिन सरकार अपनी तरफ से कोई ठोस आश्वासन दे।
वहीं नियुक्तियों और नियमितीकरण को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि चुनाव के समय यह लोग युवाओं को रोजगार देने की बात कहते है और युवाओं के वोट के सहारे प्रदेश में सरकार बना लेते है लेकिन चुनाव जीतने के बाद अपने वादें भूल जाते हैं।

