वैश्य एंड मुखर्जी पेट्रोल पंप पर रजनी नामदेव को यह जिम्मेदारी सौंपी, 7 शक्ति दीदियों ने पेट्रोल पम्पों पर संभाली फ्यूल डिलेवरी वर्कर की जिम्मेदारी
ग्वालियर – पेट्रोल पंपों पर फ्यूल डिलेवरी वर्कर के रूप में पुरुष ही ज्यादा नजर आते हैं। पर ग्वालियर में जिला प्रशासन के प्रोत्साहन से महिलायें भी यह जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप महिलाओं के सशक्तिकरण और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिये ग्वालियर जिले में “शक्ति दीदी” के नाम से कलेक्टर रुचिका चौहान द्वारा यह प्रेरणादायी पहल की गई है। इस पहल के तहत बुधवार को जिले के 5 और व्यस्ततम पेट्रोल पंप पर 7 महिलाओं ने ‘शक्ति दीदी’ के रूप में फ्यूल डिलेवरी वर्कर का मोर्चा संभाल लिया है। जिला प्रशासन व पुलिस ने इन महिलाओं का हौंसला बढ़ाया है।
इसी कड़ी में उन्होंने कलेक्ट्रेट के पीछे स्थित वैश्य एंड मुखर्जी पेट्रोल पंप पर रजनी नामदेव को यह जिम्मेदारी सौंपी । कलेक्टर ने जिलेवासियों से आह्वान किया है कि वे पेट्रोल पंप पर अपने वाहनों में डीजल पेट्रोल भरवाते समय शक्ति दीदियों के प्रति सम्मान का भाव रखें। साथ ही उनकी हौसला अफजाई भी करें। कलेक्टर ने बुधवार को सचिन तेंदुलकर मार्ग पर डीबी सिटी के सामने स्थित साईं हरिलीला पेट्रोल पंप पर लक्ष्मी सक्सेना एवं आरती सिसौदिया का स्वागत कर एवं उन्हें जैकेट पहनाकर शक्ति दीदी बनाया । इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी, कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास डीएस जादौन व सहायक संचालक राहुल पाठक एवं सहायक जिला आपूर्ति अधिकारी सौरभ जैन, दोनों पेट्रोल पंपों के संचालक व उनके परिजन मौजूद थे।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी व एसडीएम डबरा दिव्यांशु चौधरी ने डबरा स्थित विजय डीजल्स पंप पर गांधारी बाथम एवं डबरा में ही पारशनाथ फिलिंग पेट्रोल पंप पर खुशी सुबानी व सीमा शाक्य को शक्ति दीदी की जिम्मेदारी सौंपी। संयुक्त कलेक्टर श्री संजीव जैन ने भिण्ड रोड स्थित शारदा फ्यूल पेट्रोल पंप पर सुश्री आरती राठौर को फ्यूल डिलेवरी वर्कर का दायित्व सौंपा।
शक्ति दीदी बनने के लिये महिलाएँ यहाँ कर सकती हैं संपर्क
शक्ति दीदी बनकर फ्यूल डिलेवरी वर्कर के रूप में पेट्रोल पंपों पर काम करने की इच्छुक महिलायें कलेक्ट्रेट स्थित जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास अथवा अपने नजदीकी बाल विकास परियोजना कार्यालय में संपर्क कर सकती हैं। साथ ही कलेक्ट्रेट स्थित खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के कार्यालय में भी इसके लिये संपर्क किया जा सकता है।

