रविन्द्र नाथ ठाकुर ने दो देशों के राष्ट्रगान लिखे हैं, जयंती बाल भवन में मनाई गई
ग्वालियर। गुरुवर रविन्द्र नाथ ठाकुर द्वारा स्थापित संस्था निखिल भारत बंग साहित्य सम्मेलन की शाखा द्वारा रविन्द्र नाथ ठाकुर की जयंती बाल भवन, स्टेशन रोड, ग्वालियर में मनाई गई। विद्रोही कवि, गीतकार एवं संगीतकार काजी नजरुल इस्लाम की जयंती भी मनाई गई।
उल्लेखनीय है कि गुरुवर ने दो देशों के राष्ट्रगान लिखे हैं और उन्हीं के विश्वविद्यालय विश्वभारती, शांतिनिकेकन (प. बंगाल) के छात्र आनंद समराकून ने श्रीलंका का राष्ट्रगान लिखा है। इस अवसर पर रविन्द्र संगीत पर नृत्य की प्रस्तुति श्रेया(खड़गपुर), सोनिया (भोपाल) और कु प्रगति गुप्ता द्वारा प्रस्तुति दी गई। जिसे दर्शकों ने भरपूर सराहा। इससे पूर्व शर्मिला राय चौधुरी के संगीत संयोजन में डॉ एनएन लाहा, मेघा गुप्ता, सोनिया अग्रवाल, रूपा गुप्ता, कु सुदीक्षा, सुदीप दास, मुकेश श्योपुरकर, डॉ बिजॉन गुप्ता ने सुंदर गीतों की प्रस्तुति दी।
अंतिम गीत एकला चलो रे गाया , जो कि गांधी जी को प्रेरणा देता था। सुजाता दास ने गीतों के भावों को समझाया। तबले पर संगत पंडित जतिन शर्मा ने की। इसके बाद कु पिंकी रॉय (वायलिन) के संयोजन में माधव संगीत महाविद्यालय के छात्र अक्षत मिश्रा(बांसुरी), चित्रांशु (गिटार), राज भदौरिया(हारमोनियम) ने वाद्ययंत्रों पर चार गीतों का मैशअप प्रस्तुत किया। काज़ी नजरुल इस्लाम की प्रसिद्ध कविता विद्रोही का पठन एसएन दत्ता ने किया। स्वागत उद्बोधन अध्यक्ष आरसी दास ने एवं आभार डॉ एन एन लाहा ने दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन कु प्रियंका बक्शी ने किया। इस अवसर पर संस्था के डॉ विष्णु घटक, डॉ एएम जाना, संतोष दास, कृष्ण मोहन मुखर्जी, विकास पॉल, सुदीप चक्रवर्ती, सुब्रत सिन्हा, प्रणव कुमार दास आदि उपस्थित थे।

