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महापौर शारदा सोलंकी फजी मार्कशीट के मामले न्यायालय से मिला स्टे

मुरैना. कांग्रेस के टिकट पर मुरैना की महापौर चुनी गयी शारदा सोलंकी को दल-बदल कर भारतीय जनता पार्टी में जाने के बावजूद भी राहत नहीं मिल रहीं। उन पर 10वीं की फर्जी अंकसूची लगाने के आरोप में मुरैना जिला न्यायालय के जेएमएमसी न्यायालय द्वारा मामले दर्ज करने के निर्देश दिये थे अब इस मामले में स्थगन मिल गया है।
महापौर शारदा सोलंकी और उनके एडवोकेट संजय मिश्रा ने इस तरह के किसी भी फैसले की जानकारी होने से इंकार किया है। दरअसल, नगरीय निकाय चुनाव में बीजेपी की प्रत्याशी रहीं मीना मुकेश जाटव ने महापौर शारदा सोलंकी की अंकसूची और उनके जाति प्रमाण पत्र को फर्जी बताते हुए कोर्ट में याचिका लगाई थी।
क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि कांग्रेस से महापौर का चुनाव जीतीं शारदा सोलंकी लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हो चुकी हैं। सूत्रों ने बताया कि जिस रोल नंबर की मार्कशीट उनकी है, वह किसी लड़के की है, जो परीक्षा में ही नहीं बैठा। महापौर शारदा सोलंकी ने साल 1986 में पिनाहट के सर्वोदय विद्या मंदिर स्कूल से 10वीं की परीक्षा पास होना बताया था। उनका रोल नंबर 1009025 है। याचिकाकर्ता कोर्ट में यह साबित नहीं कर पाए कि महापौर शारदा सोलंकी उत्तर प्रदेश की निवासी हैं और उनका जाति प्रमाण पत्र फर्जी है। इसलिए कोर्ट ने जाति प्रमाण पत्र के खिलाफ लगी याचिका को 9 मई 2024 को खारिज कर दिया था, लेकिन 10वीं की अंकसूची मामले में महापौर फंस चुकी हैं।

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