मसूद अजहर का भाई, लश्कर इंचार्ज अबू जुंदाल और जैश का हाफिद मोहम्मद ‘‘ऑपरेशन सिंदूर’’ में ढेर किये गये आतंकी
नई दिल्ली. पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में भारतीय सेना की एयर स्ट्राइक में मारे गये आतंकियों की सूची सामने आई है। इनमें जैश-ए-मोहम्मद चीफ मसूद अजहर के भाई अब्दुल रऊफ अजहर के अलावा, लश्कर-ए-तैयबा के कमाण्डर अबू जुंदाल और जैश के फंडरेजर हाफिज मोहम्मद के नाम भी शामिल है। भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिन्दूर के तहत 7 मई की सुबह लगभग 1.30 बजे पाकिस्तान और अधिकृत कश्मीर में 9 आतंकी शिविरों पर हमला किया था। खुफिया एजेंसियों से जुड़े मुदस्सर खादियान खास, हाफिज मुहम्मद जमीन, मोहम्मद यूसुफ, खालिद (अबू अकाशा) और मोहम्मद हसन खान उन 5 आतंकियों में शामिल है जो भारतीय अटैकों में मारे गये है।
मुहम्मद जीमल और यूसुफ अजहर दोनो मौलाना मसूद अजहर के साले थे। मुदस्सर खादियान खास मुरीदके स्थित लश्कर -ए-तैयबा के मुख्यालय मरकज तैयबा का प्रमुख था। यूसुफ अजहर आईसी-814 अपहरण मामले में वांटेड था और हसन खान पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद के ऑपरेशनल कमाण्डर मुफॅ्ती असगर खान कश्मीरी का बेटा था।
1- मुदस्सर खादियान खास उर्फ अबू जुंदाल
वह आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था। मुरीदके में लश्कर के हेडक्वार्टर मरकजे तैयबा का प्रमुख था। पाकिस्तानी सेना ने उसे गार्ड ऑफ ऑनर दिया था। उसके जनाजे की नमाज एक सरकारी स्कूल में पढ़ी गयी। जिसका नेतृत्वस जेयूडी (एक घोषित वैश्विक आतंकवादी संगठन) के हाफिज अब्दुल रऊफ ने किया। पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर और पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने उसे मिट्टी दी और उसके लिये फातिहा पढ़ा। पाकिस्तानी सेना के एक सेवारत ले. जनरल और पंजाब पुलिस के आईजी अबू जुंदाल के नमाज-ए-जनाजा में शामिल हुए थे।
2- मोहम्मद यूसुफ अजहर
मोहम्मद यूसुफ अजहर को उस्ताद जी, मोहम्मद सलीम और घोसी साहब के नाम से भी जाना जाता था। वह भी जैश-ए-मोहम्मद का एक प्रमुख कमाण्डर था। यूसुफ जैश चीफ मौलाना मसूद अजहर का साला था। वह जैश-ए-मोहम्मद के लिये वेपन ट्रेनिंग का जिम्मा संभालता था। आतंकियों को मिलने वाले हथियार प्रशिक्षण की देखरेख करता था। मोहम्मद यूसुफ अजहर जम्मू-कश्मीर में कई आतंकवादी हमलों में शामिल और आईसी-814 कंधार हाईजैक मामले में भारत को उसकी तलाश थी।
3- खालिश उर्फ अबू अकाशा
खालिद उर्फ अबू अकाशा लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा। जम्मू और कश्मीर में कई आतंकवादी हमलों में शामिल था। अफगानिस्तान के रास्ते हथियारों की तस्करी कराने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। उसके फैसलाबाद के एक कब्रिस्तान में दफनाया गया। अबू अकाशा के नमाज-ए-जनाजा में पाकिस्तानी सेना के वरिष्ठ अधिकारी और फैसलाबाद के डिप्टी कमिश्नर शामिल हुए।
4- मोहम्मद हसन खान
मोहम्मद हसन खान जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा हुआ था। वह पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद के ऑपरेशनल कमाण्डर मुफ्ती असगर खान कश्मीरी का बेटा था।
5- हाफिज मुहम्मद जमील
हाफिज मुहम्मद जमील जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा था। मौलाना समूद अजहर का सबसे बड़ा साला था। वह बहावलपुर में स्थित जैश के हेडक्वार्टर मरकज सुभान अल्लाह का प्रभारी था। जिसे भारतीय सेना ने 7 मई को एयर स्ट्राइक में तबाह कर दिया था। वह युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से परिचित कराता था। उनका ब्रेनवॉश करके उन्हें फिदायीन और आतंकी बनाता था। वह जैश-ए-मोहम्मद के लिये धन जुटाने में सक्रिय रूप से शामिल था।

