भिण्ड में अवंतीबाई की प्रतिमा अनावरण करने आयी उमा भारती की हालत बिगड़ी, रात में किया आराम
ग्वालियर. मप्र की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने मेहगांव विधानसभा में अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण किया और इसके बाद वह धार्मिक स्थल रावतपुरा पहुंची। लम्बा सफर तय करने से पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के पैरों में सूजन आ गयी। इस कारण से चलने फिरने में परेशानी आ रही है। थकावट की वजह से वह रावतपुरा के विश्राम गृह में आराम करती रहीं और यहां लोगों से ही मिली।
क्या है पूरा मामला
भिंड जिले के मेहगांव विधानसभा क्षेत्र के ग्राम दौनियापुरा गांव में वीरांगना अवंतिबाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण समारोह का आयोजन रविवार को किया गया किया था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने हिस्सा लेते हुए समाज के उत्थान और विकास में महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कार्यक्रम में लोगों को नशामुक्ति और दहेजबंदी की शपथ दिलाई। प्रतिमा अनावरण के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित किया।
उमाभारती महिलाओं से बोली मर्द अगर शराब पीकर आये तो नहीं दे खाना
उमाभारती ने महिलाओं को संकल्प दिलाया कि कोई भी मर्द घर में शराब पीकर आये तो उसे खाना मत दो और साफ कह दो कि भूखे मर जाओ, लेकिन घर के अन्दर नहीं जाने देंगे। पुरूषों से कहा है कि यदि वह शराब पीकर आते हैं तो वह आज से ही छोड़ दें। नहीं पीते हो तो 10 अन्य लोगों को वचन दिलाओं िकवह शराब का सेवन नहीं करेंगे। इस मौके पर नके साथ सहकारिता मंत्री डॉ. अरबिद सिंह भदौरिया, राज्यमंत्री ओपीएस भदौरिया, जिलाध्यक्ष नाथूसिंह गुर्जर समेत भाजपा के कई पदाधिकारी मौजूद थे।
कश्मीरी पंडितों का दर्द दबाया गया था
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने द कश्मीर फाइल्स फिल्म पर कहा कि वह एक विशेष समुदाय के ऊपर अत्याचार की फिल्म बनाते हैं तो कोई नहीं बोलता, लेकिन अब कश्मीरी पंडितों के अत्याचार पर यह फिल्म बनाई गई है। उसे लेकर मूवी बनी है तो कुछ लोगों को दर्द हो रहा है। फिल्म में जो दिखाया गया है, उससे अधिक अत्याचार हुए हैं। लोग बर्फ में छिपकर रहे थे, उन्हें टेंट लगाकर रखा गया। इस दौरान कई बच्चे और गर्भवती महिलाएं मर गईं। ऐसे अत्याचार हुए, जिनके पीछे एक विशेष समुदाय का हाथ था, लेकिन उस समय किसी सरकार ने एक्शन नहीं लिया।

