प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या कर नहर में फिकवाया, रातभर शव के साथ सोती रही
ग्वालियर. मैं अपने पति के लिये करवा चौथ के लिये व्रत नहीं रखूंगी यह बात पुलिस के संदेह को बल मिला इसी क्लू के आधार पुलिस महिला के पति हत्या का खुलासा करने में आधार बनी। साथ ही महिला के पास 8 मोबाइल नम्बर थे इसी पर पुलिस जांच पड़ताल शुरू की तो पुलिस को हत्या का खुलासा करने में कामयाबी मिली। 11 वर्ष के पति -पत्नी के रिश्ते पर प्रेमी के प्यार का एक वर्ष भारी पड़ गया। 29 वर्ष की महिला ने अपने 20 वर्ष के प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी।
महिला ने पहले ही प्रेमी से कह दिया कुछ भी हो इस बार इसके लिये करबा चौथ का व्रत नहीं रखना है। पति की हत्या करने के बाद 24 घंटे उसकी लाश को घर में ऐसे रखा जैसे वह जिन्दा है। 2 बच्चों को बताया गया कि उनके पिता सो रहे हैं। पत्नी, पति की लाश के पास ही बिस्तर लगाकर सोती भी रहीं। अगले दिन की रात 11 बजे प्रेेमी उसके दोस्त की मदद से 4 किमी दूर नहर में शव को फिकवाया है। घटनाक्रम 4 सितम्बर की रात चीनोर के देवरी कलां गांव का है। 6 सितम्बर को युवक का शव नहर में मिला। शिनाख्त 20 दिन के बाद हुई है। अब हत्या 52 दिन बाद और करवाचौथ के एक दिन बाद पूरी हत्या का खुलासा पुलिस ने कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

नहर में उतराता मिला था शव
चीनोर थाना पुलिस को पुरानी नहर में 6 सितंबर की सुबह एक युवक का शव उतराता मिला था। पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर पड़ताल शुरू की। मृतक के दोनों हाथों पर टैटू बने हुए थे। वह काले रंग का पेंट और लाल बेल्ट लगाए था। ऊपर के शरीर पर कपड़े नहीं थे। प्रारंभिक तौर पर उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई थी। जब शव का पोस्टमार्टम कराया गया तो एक अलग ही कहानी निकलकर आई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आया कि नहर में डूबने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। गला दबाने से मौत होना बताया गया। इसके बाद चीनोर पुलिस ने मर्ग कायम कर पड़ताल शुरू की। करीब 20 दिन बाद मृतक की शिनाख्त देवरी कला गांव निवासी 30 वर्षीय परीक्षित सिंह रावत पुत्र पोषण सिंह रावत के रूप में हुई। पता लगा कि बेलगढ़ा थाना में उसकी पत्नी बसंती देवी रावत ने गुमशुदगी दर्ज कराई है। इसके बाद जब पड़ताल की गई तो पुलिस को कई ऐसे सुराग मिले जिसके बाद पुलिस ने इस हत्या का खुलासा किया। परीक्षित की हत्या उसकी पत्नी बसंती, बसंती के प्रेमी मनीष रावत व प्रेमी के दोस्त रविन्द्र ने की थी।

