प्रायवेट अस्पताल से भी कोई भी गरीब मरीज निराश न लौटे – प्रभारी मंत्री
कहा आयुष्मान योजना का लाभ जरूर दिया जाए
ग्वालियर हमारी संस्कृति में चिकित्सकों को ईश्वर की संज्ञा दी गई है। हमें पूरा भरोसा है कि वर्तमान कोरोना संकट से निपटने में सभी चिकित्सकगण पूरी संवेदनशीलता और सकारात्मक भाव से अपने दायित्व का निर्वहन करेंगे। यह बात जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कोरोना के मद्देनजर बुलाई गई शहर के प्राइवेट डॉक्टर्स की बैठक में कही। उन्होंने सभी चिकित्सकों से आग्रह किया कि वे आयुष्मान योजना के तहत कोरोना मरीजों का इलाज करने में आनाकानी न करें। साथ ही यह ध्यान रहे कि उनके अस्पताल से कोई भी गरीब मरीज निराश न लौटे।
सांसद विवेक शेजवलकर ने कहा कि तीसरी लहर में भी यह बात सामने आई है कि बड़ी संख्या में चिकित्सक भी कारोना से संक्रमित हो रहे हैं। इसलिए पूरी सावधानी के साथ और सुरक्षा उपायों का उपयोग करते हुए मरीजों का इलाज करें।
जिले में कोरोना को परास्त करने के लिये बनाई गई रणनीति में निजी चिकित्सकों को भी भागीदार बनाया गया है। बच्चों के इलाज के लिये बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञों से चर्चा कर स्टेण्डर्ड प्रोटोकॉल भी तैयार कराया गया है। नर्सिंग कॉलेज भी इस काम में मदद कर रहे हैं। शहर के लगभग तीन दर्जन प्राइवेट डॉक्टर कोविड मरीजों को टेलीमेडीसिन अर्थात फोन कॉल के जरिए नि:शुल्क सलाह देने के लिये आगे आए हैं। प्रायवेट डॉक्टर्स एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ. प्रियंवदा भसीन ने कहा कि ग्वालियर में जिला प्रशासन व पुलिस का पूरा सहयोग प्राइवेट अस्पतालों को मिलता है। जिला प्रशासन की पहल पर सभी प्राइवेट अस्पतालों ने कोरोना मरीजों के इलाज के लिये रेट लिस्ट तैयार की है।
बैठक में कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, पुलिस उप महानिरीक्षक राजेश हिंगणकर, पुलिस अधीक्षक अमित सांघी, स्मार्ट सिटी की सीईओ श्रीमती जयति सिंह तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं शहर के सभी प्रतिष्ठित अस्पतालों से जुड़े प्रायवेट डॉक्टर्स मौजूद थे।

