ग्वालियर = पर्यावरण संरक्षण व संतुलन के लिए वर्तमान परिवेश में अधिक से अधिक पौधारोपण व उनकी देखभाल किये जाने की आवश्यकता है, पेड़ -पौधों माध्यम से प्रकृति समस्त जीवों पर अनंत उपकार करती है, पौधारोपण और उनका पोषण पर्यावरण संरक्षण की प्राथमिक आवश्यकता है। उक्त विचार प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ग्वालियर पीसी गुप्ता ने जन, जल, जमीन, जंगल और जानवर के संरक्षण व संवर्धन के लिए चलाये जा रहे “पंच-ज” अभियान के अंतर्गत मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर संपूर्ण मध्यप्रदेश में पर्यावरण दिवस से लेकर स्वतंत्रता दिवस तक चल रहे 72 दिवसीय वृहद वृक्षारोपण एवं वृक्षापोषण कार्यक्रमों की श्रृंखला में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ग्वालियर और वीर नारी शक्ति स्व-सहायता समूह के संयुक्त तत्वावधान में जिला पंचायत जिला प्रशासन के सहयोग से विकसित किए जा रहे Van-वास होम्स स्टे नीम-शीशम पर्वत ग्राम उदयपुर तहसील मुरार में आयोजित किये गये वृहद पौधरोपण कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किए। साथ ही श्री गुप्ता ने व्यक्त किया की धरती को हरित बनाने में स्वसंकल्प सहित जनसहयोग और सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं तभी पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम सार्थक हो सकेंगे। न्यायाधीश, जवान और किसान की सहभागिता से यह कार्यक्रम और भी गरिमापूर्ण रुप से आयोजित हो रहा है।
कार्यक्रम में वीर नारी शक्ति स्व-सहायता समूह के संचालक ने नीम शीशम पर्वत को प्रकृति की गोद से शहरवासियों को साक्षात्कार कराने का माध्यम निरूपित करते हुए उसे संवारने में उनके स्व-सहायता समूह के प्रयासों एवं शासन के सहयोग पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में बीएसएफ टेकनपुर के बैण्ड द्वारा भी अपनी प्रस्तुति दी गई।
1971 युद्ध के सेवानिवृत्त वीर जवान सुरेन्द्र यादव एवं अन्य, कारगिल युद्ध के जवान सुलेमान खान एवं दल, गांव के किसान, बीएसएफ बैण्ड दल, विक्रांत यूनिवर्सिटी से प्रोफेसर वीर नारायण, बिजौली थाना एवं उनका दल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी एवं ग्रामीण जनों ने सहभागिता करते हुए नीम, जामुन, बहेड़ा, आंवला, अमरूद, शीशम, आम, सहजन, वेलपत्र, करंज आदि प्रजातियों के लगभग 500 छायादार एवं फलदार पौधे रोपित किए।