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ब्लॉकेड के लिये पहली बार अमेरिका ने F/A-18 सुपर हॉर्नेट से किया अटैक, 3 ईरानी जहाज रोके

नई दिल्ली. अमेरिकी नौसेना ने ओमान की खाड़ी में ईरानी झंडे वाले टैंकरों पर एफ/ए-18 सुपर हॉर्नेट फायटर विमानों से पहला हमला किया है। यह अप्रैल 2026 में शांतिवार्ता के टूटने के बाद ईरान पर लगाये गये। नौसैनिक ब्लॉकेड को और सख्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। 6 -8 मई 2026 को अमेरिका ने एम/टी हसना, एम/टी सी स्टार ।।। और एम/टी सेव्दा नाम के 3 टैंकरों का टारगेट किया है।
इन हमलों में 20मिमी की तोप से फायरिंग और सटीक मिसाइलों का उपयोग किया गया है। अमेरिकी विमानों ने टैंकरों को डुबोने की बजाय उन्हें न चलने लायक बनाकर रोकने की रणनीति अपनाई। विमानों ने टैंकरों ने रडार (पतवार) धुआं निकालने वाली चिमनी और इंजन से जुड़े हिस्सों को निशाना बनाया है।
6 मई का हमला
6 मई को M/T हसना नाम के टैंकर पर F/A-18 सुपर हॉर्नेट ने अपनी 20 मिलीमीटर M61A2 वल्कन तोप से हमला किया. विमान ने कम ऊंचाई से उड़कर टैंकर के रडर को निशाना बनाया. कई गोली मारकर स्टियरिंग सिस्टम को नष्ट कर दिया गया. टैंकर ईरानी बंदरगाह की तरफ जा रहा था, लेकिन अमेरिकी चेतावनी मानने से इनकार कर दिया था. अमेरिकी नौसेना द्वारा व्यापारी जहाज पर तोप से सीधा हमला करने का दुर्लभ मामला है।
8 मई के हमले
8 मई को दो और टैंकरों – सी स्टार III और सेव्दा – पर हमला किया गया. इस बार तोप की जगह सटीक गाइडेड बमों का इस्तेमाल हुआ. विमानों ने दोनों टैंकरों की चिमनियों (स्मोकस्टैक) को निशाना बनाया. इससे जहाजों का इंजन सिस्टम, वेंटिलेशन और प्रोपल्शन बंद हो गया. सी स्टार III बहुत बड़ा VLCC टैंकर था जबकि सेव्दा पुराना लेकिन बड़ा Suezmax टैंकर था. दोनों ईरानी तेल परिवहन से जुड़े थे ।

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