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तिघरा तरसे जलवर्षा के लिये, पूरे मध्यप्रदेश की नदियां हैं उफान पर

ग्वालियर. एमपी में भीषण वर्षा का दौर जारी है। जबलपुर, विदिशा, भोपाल, इन्दौर, रायसेन, सागर, दमोह और नर्मदापुरम आदि जिलों में वर्षा का कहर जारी है। नदियां उफान पर है और बांध के गेट खोलने पड़ रहे है। लेकिन ग्वालियर में हालात इसके विपरीत है। बार-बार मौसम का सिस्टम ग्वालियर के पास आकर बिगड़ जाता है। इस वजह ग्वालियर क इकलौत बांध तिघरा के कैचमेंट एरिया, नलकेश्वर, बरई, पनिहार और घाटीगांव में पानी ही नहीं गिर रहा है।
जिस वजह से तिघरा बांध अभी तक खाली है। ग्वालियर में मानसून की बेरूखी की वजह तिघरा का जलस्तर अभी भी 730.3 फीट पर अटका हुआ है। फिलहाल वह भरता भी नजर नहीं आ रहा है। क्योंकि अगले 7 दिन तक कोई मजबूत सिस्टम ग्वालियर में नजर नहीं आ रहा है। जिससे वर्षा हो सके। यदि तिघरा खाली रहता है तो शहर में पीने के पानी का संकट खड़ा हो जायेगा।
तिघरा की क्षमता 740 फीट और 71 गेट
ग्वालियर के तिघरा जलाश्य में कुल 71 गेट है और 64 पुराने गेट है। उसकी तकनीक लगभग 100 वर्ष पुरानी है। लेकिन 7 नये गेट हैं जो पूरी तरह ऑटोमेटिक है। तिघरा की जल भराव क्षमता 740 फीट है लेकिन एक सैकड़ा वर्ष पुरान होने की वजह से इसे 739 फीट तक ही भरा जाता है और 738 फीट पर इसके गेट खोल दिये जाते हैं। अभी वर्तमान में तिघरा का जलस्तर 730.3 फीट है।
सांक नदी पर 1916 बना है तिघरा डेम
तिघरा बांध का निर्माण 1916 में सांक नदी पर किया गया था, इस बांध के आसपास के क्षेत्रों में 20 गांव आते हैं। ग्रामीण अपने सिंचाई, पीने और घेरलू उद्देश्य के पानी के लिये इस बांध पर निर्भर है। इसके अलावा, यह बांध ग्वालियर शहर को पीने का पानी का एक मात्र साधन है। तिघरा बांध का निर्माण घाटीगांव बेल्ट में किया गया है। बांध के निर्माण के बाद यह क्षेत्र कई पक्षियों के लिये एक उपयुक्त ठिकाना बन गया और इस क्षेत्र को बाद में पक्षी अभ्यारण भी घोषित किया गया।

इसलिए तिघरा के कैचमेंट में बारिश नहीं हो रही है
बंगाल की खाड़ी से आने वाला सिस्टम ग्वालियर की ओर नहीं आया। इस कारण शहर में अभी तक भारी वर्षां नहीं हो सकी है। स्थानीय प्रभाव व मानसून ट्रफ लाइन की वजह से खंड-खंड वर्षा का दौर जारी रहा है। हालांकि शहर में बादल औसत से ज्यादा वर्षा कर चुके हैं, लेकिन जिले में औसत से दो फीसदी कम है। अब अगस्त में अच्छी वर्षा की उम्मीद नहीं है। यही कारण है कि तिघरा के कैचमेंट एरिया में बारिश नहीं हो रही है। शहर में फिर भी हो गई, लेकिन कैचमेंट एरिया बरई, पनिहार, मोहना, घाटीगांव, आरोन, रानी घाटी आदि इलाकांे में बारिश नहीं होने से तिघरा जलाश्य अभी खाली है।
आंकड़े कुछ कहते हैं
– शहर में औसत बारिश 563 MM (31 अगस्त तक)
– शहर में 556.8 MM बारिश हो चुकी है (24 अगस्त तक)
– तिघरा का जलभराव क्षमता 739 फीट
– तिघरा का वर्तमान जलस्तर 730.3 फीट

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